अयोध्या के समग्र विकास को लेकर संतो ने की योगी से भेंट

लखनऊ ब्यूरो। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ ही वहां के चहुंमुखी विकास को लेकर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास और महंत सुरेश दास के साथ करीब एक दर्जन संत-महंत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मिले।
मुलाकात के बाद संतों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री से हमने अयोध्या के समग्र विकास के लिए भेंट की है। राममंदिर का मामला अभी न्यायलय में लंबित है। उसका निर्णय शीघ्र आना चाहिए। संतों का कहना था कि राम मंदिर निर्माण के लिए मुख्यमंत्री खुद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो सुप्रीम कोर्ट में फैसला उन्ही के पक्ष में आएगा, लेकिन फिर भी अब मंदिर निर्माण का वक्त आ चुका है।

उन्होंने कहा कि अब बलिदान देने का नहीं बल्कि लेने का समय आ गया है। उनका साफ इशारा था कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। इस दौरान राम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के किनारे बसी हुई है, इसलिए सरकारी रिकार्ड में दर्ज घाघरा का नाम बदल कर सरयू किया जाए। अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में सरयू नदी को घाघरा के नाम से जाना जाता है। साथ ही, अयोध्या की राम की पैड़ी को इस तरह से बनाया जाए कि सरयू की अविरल धारा वहां भी बहे।

इसके अलावा, सरयू नदी को प्रदूषणमुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि आयोध्या के पौराणिक स्थलों को विकसित किये जाने के लिए भी मुख्यमंत्री से बात हुई है। राजकुमार दास ने बताया कि मुख्यमंत्री सरयू महोत्सव के लिए 10 लाख रुपये की राशि देने के लिए पर्यटन के सचिव को तुरंत निर्देश भी दिये हैं। वह इस महोत्सव का स्वयं उद्घाटन भी करेंगे।

इस मुलाकात में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, बड़ाभक्त महल के महंत अवधेश दास,महंत डॉ. भरत दास, ईश्वर शरण, सुरेश दास, भरत राज, वैदेही शरण मनमोहन दास समेत अन्य शामिल रहे। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निमाज़्ण में देरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या से दूरी पर संतों के स्वर मुखर होने लगे थे। अयोध्या मुद्दे पर प्रधानमंत्री की खमोशी संतो-धमाचज़योज़्ं को खटकने लगी थी। हाल के दिनों में श्रीरामजन्म भूमि न्यास और श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के बयान भी मोदी सरकार के प्रति तल्ख हुए हैं। दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने चेतावनी देते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले राममंदिर नहीं बना तो भाजपा की हार तय है।

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