कुम्भः वाराणसी से प्रयागराज तक जल मार्ग प्रस्ताव को मंजूरी: नितिन गडकरी

कुम्भ नगरी (प्रयागराज) ब्यूरो। कुम्भ नगरी में शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संगम स्नान किया। उन्होंने प्रदेश में चल रही कई योजनाओं की जानकारी दी।

केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को कुम्भ नगरी पहुंचे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी थे। उन्होंने संगम स्न्नान किया। इसके साथ नमामि गंगे प्रदर्शनी का अवलोकन कर वहां लगाये गये स्टालों पर गंगा संरक्षण की की प्रदर्शनी की जानकारी ली। उन्होंने क्लीन गंगा फण्ड में एक लाख की धनराशि का दान भी दिया।

इसके बाद उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र में बने मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता के दौरान गंगा संरक्षण और उत्थान के लिये 25000 करोड़ की लागत से चल रही 261 परियोजनाओं की जानकारी दी। इसमें से 73 परियोजनाएं उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित हैं और उसकी कुल लागत 10500 करोड़ है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि सभी परियोजनों में 44 योजनायें सीवेज शोधन से सम्बंधित हैं। 87 घाट और 25 शव जलाने वाली जगह भी इसी परियोजनाओं में शामिल हैं।

गंगा की स्वच्छता को लेकर पूरे कुम्भ में कई तकनीकों पर काम हो रहा है। जिस पर जल निगम ने इसको कंट्रोल करने के लिये एक ऐप का निर्माण किया है, जिसको केन्द्रीय मंत्री ने लान्च किया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी से प्रयागराज तक जल मार्ग बनाने के लिये प्रस्ताव बहुत पहले दिया था। जिस पर कार्य चल रहा था अब उस पर मंजूरी मिल गई है और कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सड़क मार्ग से व्यापार करने वालों को जिस काम में 10 रुपये खर्च होते हैं और ट्रेन से 6 रुपये लगता है। उसके मुकाबले पानी से मात्र एक रुपये लगता है। जो तैयारी हम कर रहे हैं, उसमें 80 ट्रक माल एक बार में ही चला जायेगा। इससे प्रयागराज और बनारस के सभी व्यापारियों को बहुत फायदा होगा।

उन्होंने बताया की एक एयर बोट बनाई है जिसकी टेक्नॉलजी रशिया से है। इसके पंखे हवाई जहाज के हैं और 80 किलोमीटर प्रति घंटा चल सकती है। गडकरी ने कहा कि इस महीने के अंत तक वह केशव जी के साथ उस बोट में बैठकर बनारस से प्रयागराज आएंगे।

उन्होंने बताया कि कानपुर और मथुरा में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सी.ई.टी.पी) प्लांट लगाया है। इस प्लांट से कानपुर से सबसे गन्दे नाले सीसामऊ को पूरी तरह साफ करने का कार्य जारी है और हम उसमें सफल भी हुये हैं। इससे गंगा में जा रहे प्रदूषित जल को हम रोक पा रहे हैं, साथ ही फैक्ट्रियों से आने वाले गंदे पानी को भी साफ करके हम उससे पैसे कमा रहे हैं।

इस मौके पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखायी गई। इसमें मुख्य 53 नालों की सफाई, 47500 शौचालयों, 16500 कूड़े दानों, ट्रैश स्कीमर थे। इसी के साथ पूरे प्रयाग में में बनी पेंटिंग जो लोगों तक सफाई का सन्देश दे रही हैं, उनको भी दिखाया गया। कार्यक्रम के बाद नितिन गडकरी अयोध्या के लिये रवाना हो गये।

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