देश के इंफ्रास्ट्रक्टचर पर खर्च करेंगे 100 लाख करोड़ रुपये : मोदी 

न्यूयॉर्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सोशल मीडिया में बहुत ताकत है और वह सुशासन के हथियार के रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। मोदी ने यहाँ ब्लूम्बर्ग ग्लोबल बिजनेस समिट में सोशल मीडिया के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सुशासन के लिए दूर-दराज के इलाकों से जो सूचना आती है उसके लिए सोशल मीडिया काफी मजबूत नेटवर्क साबित हो सकता है। उन्होंने कहा , मैं सोशल मीडिया का सुशासन के हथियार के रूप में उपयोग करने के पक्ष में हूँ।

प्रधानमंत्री ने हालाँकि फेक न्यूज पर चिंता जताते हुये कहा कि कोई ऐसी प्रौद्योगिकी लानी होगी जिससे फेक न्यूज की पहचान हो सके। उन्होंने फेक न्यूज का पर्दाफाश करने के लिए कुछ टेलीविजन चैनलों द्वारा 15-20 मिनट के कार्यक्रम चलाने की तारीफ भी की। मोदी ने एयर इंडिया के विमान का आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर उसे कंधार ले जाने की घटना का जिक्र करते हुये कहा कि उस समय इलेक्ट्रॉनिक चैनल नये-नये आये थे।

उन्होंने अपहृत विमान में मौजूद यात्रियों की तकलीफों को इस प्रकार दिखाया जिससे आतंकवादियों का हौसला और बढ़ गया और उन्हें लगा कि भारत सरकार उनके दबाव में आ जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने स्वयं बैठक कर अपनी गलतियों को पहचाना था और उन्हें न दुहराने पर सहमत हुये थे। प्रतिस्पद्र्धा के कारण वे चीजें फिर से समाप्त हो गई हैं। अब जल्दी, गर्मागरम और तिखी न्यूज देना उनकी प्राथमिकता बन गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सोशल मीडिया में काफी संभावना है, लेकिन कुछ लोग संगठित रूप से फेक न्यूज फैलाने में लगे हुए हैं।

पीएम मोदी ने भारत के विकास के लिए अहम 4 फैक्टरों के बारे में बताते हुए कहा कि डेमॉक्रेसी, डेमॉग्रफी, डिमांड और डिसाइसिवनेस के चलते हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र, आकांक्षी मध्य वर्ग, बढ़ती मांग और सरकार की निर्णायक क्षमता ने ग्रोथ की रफ्तार को तेजी से बढ़ाया है पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर हमारी सरकार जितना निवेश कर रही है, उतना कभी नहीं किया गया। आने वाले सालों में हम 100 लाख करोड़ रुपये आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हम खर्च करने जा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत की विकास गाथा के चार अहम कारक लोकतंत्र, युवा आबादी, माँग और निर्णायक नेतृत्व हैं जो दुनिया में कहीं और एक साथ मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी राजनीतिक स्थिरता कई दशकों के बाद आई है। देश की जनता उस सरकार के साथ खड़ी है जो कारोबार के माहौल को सुधारने के लिए बड़े से बड़े और कड़े से कड़े फैसले लेने में पीछे नहीं रहती। अभी कुछ दिन पहले ही सरकार ने कंपनी कर में भारी कमी करने का फैसला लिया है। यह निवेश के नजरिये से बहुत क्रांतिकारी कदम है। बाद में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के साथ ही अंग्रेजी में काम करने वाली न्याय प्रणाली भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती है। उन्हें किसी भी फैसले की व्याख्या में समस्या नहीं आती।

युवा आबादी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में अभियांत्रिकी शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र और सबसे मजबूत अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं वाले देशों में से एक है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा “हमारे पास युवा प्रतिभा है। हम नवाचार पर बल दे रहे हैं। धीरे-धीरे दुनिया में डिग्री से ज्यादा कौशल का महत्व बढ़ता जायेगा। हम हर प्रकार के कौशल विकास पर जोर दे रहे हैं। मानव संसाधन की दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत अपने युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा है। जिस देश की जैसी जरूरत होगी हम वैसा ही कार्यबल तैयार करेंगे।

ऑटोमेशन के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके मद्देनजर रोजगार के बिल्कुल नये विकल्प के बारे में सोचना होगा। उन्होंने कहा कि देश के 50 करोड़ लोगों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी गयी है जो अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त आबादी के बराबर है। दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन भी भारत में हुआ, वह भी काफी कम समय में। बीते चार-पाँच साल में करीब 37 करोड़ लोगों को बैंकिंग से पहली बार जोड़ा गया है। आज देश के करीब-करीब हर नागरिक के पास आधार , मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट है; जिसके कारण सरकारी योजनाओं का उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है।

इसके अलावा सरकार कृषि में मूल्यवद्र्धन पर जोर दे रही है। हम खाद्य प्रसंस्करण और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। हम ‘डिजिटल इंडिया’ की ओर बढ़ रहे हैं और छह हजार गाँवों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है। इन सबका परिणाम है कि अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

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