प्रधानमंत्री ने देश के सामने विकास का विजन दिया, सबको साथ देना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ ब्यूरो। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष यानी 2022 में जब हीरक जयंती मनाएं तो हम कैसा भारत चाहते हैं, इसका चिंतन भी जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री के रूप में एक ऐसा व्यक्ति है, जो देश को बदलना चाहता है। प्रधानमंत्री ने देश के सामने विकास का एक विजन प्रस्तुत किया है। इसकी तारीफ होनी चाहिए| सबको उनका साथ देना चाहिए। अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन शनिवार को मुख्यमंत्री बीएचयू के भावी इंजीनियरों को सम्बोधित कर रहे थे।

विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित आईआईटी बीएचयू के वैश्विक पुरातन छात्र समागम व शताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि महामना ने 1916 के जिस कालखंड में बीएचयू की नींव रखी थी, उस समय पूरे देश के अन्दर स्वाधीनता की लड़ाई चल रही थी।

मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता काल में महात्मा गांधी के नेतृत्व का उल्लेख कर कहा कि स्वाधीनता के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर का भाव देश में रहा। ऐसे दौर में मालवीय जी ने देश के प्राचीन सास्कृतिक आध्यात्मिक नगरी में बीएचयू की स्थापना कर अद्भुत काम किया। महामना के चिंतन से इस विश्वविद्यालय ने देश के सामने एक मिसाल दिया है।

उन्होंने कहा कि महामना ने जो कदम उठाया, उसी का परिणाम है कि विश्व में उनकी ख्याति है। यहां से अध्ययन के बाद निकले छात्रों ने दुनियाभर में देश नाम रौशन किया है। यहां से निकला हुआ छात्र चाहे जहां भी रहे अपने मूल को कभी नहीं भूलता। ये छात्र विश्व में कहीं भी रहें अपनी कृतज्ञता विश्वविद्यालय के प्रति जरूर जाहिर करते हैं।

सनातन धर्म में कृतज्ञता के महत्व को भी एक श्लोक से मुख्यमंत्री ने बताया। सम्बोधन के पूर्व मुख्यमंत्री ने महामना के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। समारोह में ग्लोबल एल्‍युम‍िनी एसोसिएशन के चेयरमैन नितिन मल्होत्रा और आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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