बड़ा बदलाव : 1 लाख से ज्यादा बिजली बिल जमा करने वालों को रिटर्न भरने में हो सकती है दिक्कत, जानें वजह

दिल्ली: आयकर रिटर्न फॉर्म के उपयोग में महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं। घर का संयुक्त मालिकाना अधिकार रखने वाले, साल भर में एक लाख रुपये का बिजली बिल भरने और विदेश यात्राओं पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च करने वाले व्यक्तिगत करदाता अब सामान्य आईटीआर-1 फॉर्म में आयकर रिटर्न नहीं भर सकेंगे। ऐसे करदाताओं को दूसरे फार्म में रिटर्न भरनी होगी जिन्हें आने वाले दिनों में अधिसूचित किया जायेगा। सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।

सरकार आम तौर पर हर साल अप्रैल महीने में आयकर रिटर्न भरने के फॉर्म की अधिसूचना जारी करती है। लेकिन सरकार ने इस बार आकलन वर्ष 2020-21 के लिये तीन जनवरी को ही अधिसूचना जारी कर दी। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 50 लाख रुपये तक की सालाना कमाई करने वाले आम निवासी व्यक्ति आईटीआर-1 ‘सहज’ फॉर्म भर सकते हैं। इसी प्रकार व्यवसाय और पेशे से हाने वाली अनुमानित और 50 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले हिन्दू अविभाजित परिवार, एलएलपी को छोड़कर अन्य कंपनियां, व्यक्तिगत करदाता आईटीआर-4 सुगम में रिटर्न भरते हैं, लेकिन ताजा जारी अधिसूचना के मुताबिक इसमें दो महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास घर का संयुक्त मालिकाना अधिकार है तो वह आईटीआर-1 या आईटीआर-4 में अपनी रिटर्न नहीं भर सकता है।

आईटीआर के नियमों में हुआ बदलाव

दूसरे, जिनके पास बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि है, जिन्होंने विदेश यात्राओं पर दो लाख रुपये खर्च किये हैं अथवा सालभर में एक लाख रुपये या अधिक बिजली का बिल भरा है उनके लिये आईटीआर-1 में रिटर्न भरना वैध नहीं होगा। ऐसे करदाताओं को अलग फॉर्म भरना होगा, जिसे जल्दी ही अधिसूचति किया जायेगा।

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