ब्रिटेन की पहली महिला हिन्दू पुजारी हैं चंदा व्यास, शादियां कराने के लिए 2022 तक हुईं बुक

वडोदरा: अफ्रीका में जन्‍मी चंदा व्‍यास को करीब एक दशक पहले ब्रिटेन में पहली महिला हिंदू पुजारी की पदवी हासिल हुई थी। इसके बाद बाद उनकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती गई। आज उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि शादियां कराने के लिए वह वर्ष 2022 तक के लिए बुक हैं। अब चंदा व्‍यास अब एक कम्‍यूनिट हॉल की तलाश कर रही हैं। इस हॉल में महिला पुजारियों को इंग्‍लैंड के अंदर हिंदू धार्मिक परंपराओं को निभाने की ट्रेनिंग देंगी। इसमें जन्‍म, शादी और मौत के बाद होने वाले क्रिया कर्म शामिल हैं।

पुरोहितों के परिवार में जन्‍मी चंदा ने कहा, ‘जब मैंने पहली बार विधि के लिए अनुरोध किया तो पुरुष महाराज मुझे स्‍वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं गंदी होती हैं। मैंने उनसे पूछा कि क्‍या वह इसमें अपनी मां को भी शामिल करते हैं? यह बस शुरुआत थी।’ पिछले कई साल से महिलाओं और हिंदू परंपराओं को लेकर चले आ रहे मिथक को तोड़ने के बाद चंदा अपनी जड़ों को तलाश करने राजकोट आई हैं।

चंदा व्‍यास अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ब्रिटेन और अफ्रीका में 2 हजार धार्मिक आयोजन करा चुकी हैं। यही नहीं शादियां कराने के लिए चंदा वर्ष 2022 तक बुक हैं। चंदा के दादा वल्‍जीभाई पुरोहित और पिता करुणाशंकर पुरोहित ने 10 साल पहले ब्रिटेन में धार्मिक आयोजन कराना शुरू किया था। उन्‍होंने कहा, ‘हिंदुत्‍व स्‍त्री या पुरुष की बात नहीं करता है। मेरे पिता मेरे गुरु हैं। ‘
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पुजारी चंदा ने बताया कि उन्‍होंने कई समलैंगिक विवाह भी कराए हैं। वर्ष 2017 में मैंने ब्रिटेन के पहले अंतर धार्मिक विवाह को कराया था जिसमें एक हिंदू महिला कलवती मिस्‍त्री की शादी उनकी यहूदी पार्टनर मरियम जेफर्सन से कराई थी। उन्‍होंने कहा, ‘जब दो लोग एक-दूसरे को प्‍यार करते हैं, चाहे वे ही एक लिंग, एक ही धर्म के क्‍यों न हों, हम कौन होते हैं उन्‍हें रोकने वाले।’ चंदा इन दिनों 10 महिलाओं को ट्रेनिंग दे रही हैं।

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