भविष्य निधि संगठन के कोविड क्लेम प्लान, सरकार के पीएफ अंशदान से आमजन को राहत

नई दिल्ली: देश में कोरोना संकट बीच सरकार और सरकारी संगठन सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं। केन्द्रीय भविष्य निधि कार्यालयों की सक्रियता लगातार बनी हुई है, ताकि लोगों की आर्थिक सेहत खराब न हो। देश भर में केंद्रीय भविष्य निधि संगठन के कुल 135 कार्यालय है। सब की पहचान इन दिनों कोरोना वॉरियर्स संगठन के तौर पर बन गई है। लॉकडाउन के बावजूद इन दफ्तरों की सक्रियता युद्धस्तर की है। समाजिक दूरी और सेनेटाइजेशन की वजह से दफ्तरों में आनेवाले कर्मचारियों की संख्या में 60 से 70 फीसदी की कटौती की गई है। पीएफ के कुछ वॉरियर्स अपने घरों से भी सरकारी काम का निष्पादन कर रहे हैं। 30 फीसदी लोगों के सहारे दफ्तर के 100 फीसदी काम का निपटारा किया जा रहा है।

दिल्ली के द्वारका में स्थिति पश्चिम क्षेत्र के भविष्य निधि आयुक्त उत्तम प्रकाश का कहना है, “भविष्य निधि संगठन संकट के दौर में देश के वर्तमान को सुरक्षित करने में पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की दूरदर्शिता और सरकार की संवेदनशीलता वैसे तो तमाम योजना में दिखाई पड़ती है, लेकिन भविष्य निधि संगठन का कोविड क्लेम प्लान और सरकारी निधि का पीएफ अंशदान आम आदमी के लिए बड़ी आर्थिक राहत है।”

उत्तम प्रकाश कहते हैं, “कोविड-19 क्लेम के तहत (योजना शुरू होने से अब तक) 15 करोड़ रुपये लाभुकों के खाते में सीधे जमा किए गए हैं। लाभुक सदस्यों की संख्या छह हजार है। दिल्ली पश्चिम के क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन के दफ्तर में इन आंकड़ों को अगर आप दिन के हिसाब से बांटेंगे तो हम प्रतिदिन लगभग एक हजार कोविड क्लेम सेटल कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि भविष्य निधि संगठन द्वारा इस समय कोरोना क्लेम योजना चलाई जा रही है। इस बाबत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कहते हैं कि “इस योजना के तहत जरूरतमंद पीएफ खाताधारी नियोक्ताओं को फौरी आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। इस योजना के तहत नियोक्ता कुल जमा पीएफ का 75 फीसदी या पिछले तीन माह के पीएफ वेज दोनों में जो राशि कम होगी, उसकी त्वरित निकासी कर सकते हैं। जहां पीएफ संगठन में आवेदन के निष्पादन में 20 दिन का समय निर्धारित है, वही कोविड क्लेम में मात्र 72 घंटे की समय सीमा निर्धारित की गई है। इस योजना में लाभार्थी होने की कुछ शर्तें हैं। जिनमें यूएन का एक्टिवेशन और केवाईसी एक्टिवेशन अनिवार्य है।”

भविष्य निधि संगठन इन दिनों प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का भी निष्पादन कर रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित हैं। इस योजना में वे संगठन शामिल हैं, जिनके यहां कर्मचारियों की संख्या 100 से कम हो और कुल कर्मचारियों में से 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन 15000 रुपये से कम हो। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका पीएफ अंशदान सितंबर 2019 से फरवरी 2020 के दौरान किसी भी समय में आया हो। साथ ही वह प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के लाभुक नहीं हो। इस योजना का मुख्य लाभ यह है कि इसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के हिस्से का पीएफ अंशदान तीन माह तक भारत सरकार स्वयं वहन करेगी।

इन दोनों योजनाओं के लाभुकों की संख्या का अनुमान पीएफ के दिल्ली पश्चिम कार्यालय के आंकड़ों से सहज ही लगाया जा सकता है। कार्यालय में इस वक्त सक्रिय खाताधारकों की संख्या छह लाख 30 हजार है, जिनसे पिछले वित्त वर्ष में जरिए 217 करोड़ रुपये का अंशदान मिला था। अंशदाता नियोक्ताओं में कुल 5000 कंपनियां दिल्ली पश्चिम क्षेत्र में हैं। इन कंपनियों में से 4200 कंपनियां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ लेने की शर्तें पूरा करती हैं। दिल्ली पश्चिम कार्यालय खाताधारकों की संख्या के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा भविष्य निधि संगठन कार्यालय है।

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