भाजपा सरकार से नाउम्मीदी के भंवर में फंसी यूपी की जनता

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के दस माह के शासनकाल में विकास पूरी तरह ठप हो गया है। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार की दिशा में सरकार की नीति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पायी है। किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा सकी। अपराध की बढ़ती घटनाओं से जनता में भय और दहशत का माहौल है। भाजपा शासन के दस माह निरर्थक ही हो गये। बिना किसी विशेष उपलब्धि के जनता का अमूल्य समय भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया। राज्य में निराशा का वातावरण व्याप्त हो गया है जनता राज्य की भाजपा सरकार से बहुत नाउम्मीदी के भंवर में फंस गयी हैं।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की उपलब्धियों को भाजपा सरकार द्वारा नकारा जाना राजनैतिक बेईमानी है। भाजपा सरकार अपने नकारेपन पर पर्दा डालने के लिये समाजवादी सरकार के विकास कार्यों को अपना बताकर दोबारा उद्घाटन करने की जो परम्परा चला रही है वह राजनीति के मूल्यों में गिरावट का उदाहरण है। चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने संकल्प पत्र के माध्यम से जनता को गुमराह करने का काम किया था। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश छोड़कर अन्य प्रदेशों की राजनीति करने में व्यस्त हो गये हैं। जनता की बुनियादी समस्याओं को दूर करने की जगह शासन-प्रशासन उत्सवों के आयोजन में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही सबसे बड़ा धोखा किसानों के साथ किया गया। 36 हजार करोड़ रूपये के ऋण मोचन पर सरकार को ‘श्वेत पत्र‘ जारी करना चाहिए। जिससे सच्चाई का पता चल सके कि कितना किस किसान का ऋण मोचन हुआ है। आज स्थिति यहां तक पहुंच गयी है कि आलू किसानों की बर्बादी, गन्ना किसानों की बदहाली के साथ धान की लूट से अन्नदाता आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। राष्ट्रीय सचिव चौधरी ने कहा कि पिछली समाजवादी सरकार में अखिलेश यादव ने खेत-खलिहान में खुशहाली लाने के लिये बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा गांवों और किसानों की हालत सुधारने पर खर्च किया था। इतना ही नहीं बजट में किसान वर्ष का प्रावधान, चीनी मिलों के बेहतर संचालन, लागत मूल्य की व्यवस्था जैसे उपायों से प्रदेश को समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया। भाजपा सरकार ने जनहित की उक्त योजनाओं में रूचि नहीं ली और उनके प्रति उदासीन बनी रही।

चौधरी ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भाजपा सरकार द्वारा कांटे बोना कहां की नैतिकता है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने सुझाव दिया था कि छोटे-वाहन जो 20 लाख से कम कीमत के होंगे, उन पर कोई टोल टैक्स नहीं होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार ने तो कसम खा रखी है कि अखिलेश यादव द्वारा जनहित में दिये गये सुझावों को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसा करने पर भाजपा को अपनी किरकिरी होने का खतरा लगता है।

बेरोजगारी दूर करने की कोई नियत भाजपा सरकार की नही है। समाजवादी सरकार में रोजगार की जो व्यवस्था की गई उन्हें भी सड़क पर कर दिया है। कानून व्यवस्था के नियंत्रण के लिए समाजवादी सरकार ने यूपी डायल 100 और महिलाओं के प्रति अपराध नियंत्रण के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन सेवा शुरू की गई थी। भाजपा सरकार ने इन सभी व्यवस्थाओं को चैपट कर दिया है। लगता है कि भाजपा सरकार का बस इतना ही 10 माह का लेखा जोखा है।

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