लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 116वीं जयंती पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने किया याद

नई दिल्ली: ‘संपूर्ण क्रांति’ का मंत्र देकर देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 116वीं जयंती पर राष्ट्र उन्हें नमन कर रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को उन्हें प्रणाम करते हुए उनके ‘संपूर्ण क्रांति’ के मंत्र को संपूर्ण विकास क्रांति के रूप में परिवर्तित करने की कामना की।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि स्वाधीनता सेनानी और जनतंत्र के प्रतीक, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर, उनका स्मरण राष्ट्र की प्रेरक-शक्ति के रूप में करता हूं। उन्होंने हर नागरिक की स्वतंत्रता और हर व्यक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए, समझौता किए बिना संघर्ष करने की प्रेरणा हम सबको दी थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत महान लोकनायक जेपी को नमन करता है। हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके उल्लेखनीय प्रयासों को भी याद करते हैं और हाशिए पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए काम करते हैं।

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प्रधानमंत्री एक वीडियो संदेश में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश जी आजादी के उस कालखंड में युवा हृदयों के लिए एक प्रेरणा का केंद्र बन गए थे। अपने जीवन काल में एक ऐसे संकल्प का परिचय कराया और जिस संकल्प के लिए उन्होंने स्वयं को झोंक दिया और सिद्धि प्राप्त करने तक वह जीवन का पल-पल मातृभूमि के लिए, देशवासियों के कल्याण के लिए, अपने संकल्प को साकार करने के लिए वह जीवनभर जुटे रहे।

उन्होंने कहा कि सोना तपता है तो ज्यादा निखरता है। आपातकाल में भारत का लोकतंत्र तपा और ज्यादा निखर करके उभरा। वह जयप्रकाश और उनके साथियों के योगदान के कारण है। आज उनकी जन्म जयंती पर उन्हें प्रणाम करते हुए कहें कि हमें शक्ति दो, संपूर्ण क्रांति का मंत्र संपूर्ण विकास क्रांति के मंत्र के रूप में परिवर्तित हो। हम सच्चे अर्थ में ‘सबका साथ सबका विकास’ इसी मंत्र को लेकर राष्ट्र को नई ऊंचाई पर ले जाएं।

उल्लेखनीय है कि जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारण में हुआ था। उनकी ख्याति 1970 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने और उन्हें पद से हटाने के लिए चलाए गए ‘सम्पूर्ण क्रांति’ आंदोलन के कारण अधिक है।

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