विभागों को बड़ा खर्च नहीं करने के निर्देश, कोरोना ने खाली कर दी गुजरात सरकार की तिजोरी

सूरत: कोरोना काल ने गुजरात राज्य सरकार की तिजोरी खाली कर दी है, इसलिए सभी विभागों को कोई बड़ा खर्च नहीं करने को कहा गया है। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी को भी कहा है कि किसी भी तरह की खरीदारी नहीं करें। राज्य सरकार ने यूनिवर्सिटी को 3 पन्ने का पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस की वजह से राज्य में आर्थिक स्थिति का संकट मंडरा रहा है।

सलाहकार समिति ने खर्च पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। समिति ने कहा है कि सरकार को इस वर्ष के खर्च में अधिक कटौती करने की जरुरत है। इसी तरीके से बिगड़ते आर्थिक हालात पर काबू पाया जा सकता है। समिति की इसी सलाह के आधार पर शिक्षा के लिए जरूरी सामानों को नहीं खरीदने का आदेश दिया गया है। इस पर कांग्रेस का कहना है कि राज्य के पास अब शिक्षा व्यवस्था के लिए पैसे नहीं हैं और उधर केंद्र सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर रही है।

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार के इस पत्र को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है। इसमें कहा गया है कि 31 मार्च तक अगर कोई वाहन और जरूरी ट्रांसपोर्टेशन के सामान खरीदने का निर्णय लिया गया है तो उसे रद्द कर दें। आउटसोर्स किए गए किराये के वाहनों का भी इस्तेमाल रोक दें। कोई भी इलेक्ट्रिक सामान जैसे एसी, कूलर, कंप्यूटर या अन्य कोई वस्तु नहीं खरीदनी है। राज्य सरकार के अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाएं एयर कंडीशन, फर्नीचर, कूलर या फिर कोई भी सुख सुविधा वाली वस्तुओं की खरीदी पर रोक लगा दी गई है।

सरकार ने कहा है कि दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का इस्तेमाल कम किया जाए। सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अन्य जगहों पर ज्यादा से ज्यादा बिजली बचाई जाए, जिससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम पड़े। कोई चीज बहुत जरूरी होने पर मुख्यमंत्री से इजाजत लेनी पड़ेगी। कांग्रेस के मुताबिक सरकार खुद मान रही है कि उसकी तिजोरी में पैसे नहीं हैं तो आम आदमी की कौन सुनेगा। कांग्रेस के पार्षद भावेश रबारी ने कहा कि सरकार को इस तरह की रोक से शिक्षा को अलग रखना चाहिए। सरकार को अन्य बड़े खर्च रोकने चाहिए।

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