100 दिनों में साढ़े तीन करोड़ लोगों को मिलेगा गोल्डन कार्ड: सिद्धार्थ नाथ

लखनऊ ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में प्रदेश में सौ दिनों के अंदर महज 10 फीसदी चयनित लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड मिल पाया है। कुल 06 करोड़ 55 लाख लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था।

लेकिन अब तब साढ़े सात लाख लाभार्थियों को ही गोल्डन कार्ड मिल पाया है। लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शुक्रवार को यह बात कही। वह वाराणसी में सांची (स्टेट एजेन्सीज फार कॉम्प्रीहेन्सिव हेल्थ एण्ड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) की ओर से आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सांची संस्था के कर्मचारियों की सराहना करते हुए लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत की नसीहत दी। मंत्री ने कर्मचारियों को अगले 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित कर कहा कि साढ़े तीन करोड़ लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड देकर उन्हें इस योजना के दायरे में लाने का कहा। लक्ष्यों को पाने के लिए छोटे-छोटे शहरों में 15 से 30 जनवरी के बीच विशेष अभियान के तहत शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में लाभार्थियों को पहुंचाने के लिए आशा कार्यकत्रियों के साथ हेल्थ वर्करों को भी लगाया जायेगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शिविर में प्रदेश सरकार के मंत्री भी मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने योजना में 1500 (1000 निजी, 500 सरकारी) अस्पतालों के चयन पर खुशी जता बताया कि देश में 70 सालों तक इस क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। पहले की सरकारें सिर्फ गरीबी हटाओं का नारा देती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब लोगों की स्वास्थ्य की चिंता करने के साथ उनके इलाज के लिए दुनिया की सबसे बड़ी योजना को शुरू किया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इस योजना के साथ सूबे के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हेल्थ वेलनेस सेन्टर भी शुरू कर रही है। इस योजना में छोटे शहरों के मरीजों को जांच और स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। गम्भीर रोग को स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही चिन्हित कर लिया जायेगा।

सीएचसी को पीपीपी मॉडल से किया जायेगा अपग्रेड

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिन छोटे शहरों में प्रा​थमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। वहां सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) की जमीनों पर प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप मॉडल पर वेलनेस सेन्टर 30 साल के लीज पर खोले जायेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने अफसरों को लोकसभा चुनाव के पूर्व प्रस्ताव बना कर कार्य कर लेने का निर्देश देकर कहा कि आचार संहिता से इस कार्य में रूकावट न आये। क्षेत्रीय कार्यशाला में मंत्री ने आयुष्मान भारत से कितने मरीजों को फायदा मिला और अभियान के लक्ष्‍यों की जानकारी भी ली।

कार्यशाला में वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, आंबेडकर नगर, अमेठी, देवरिया, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, जौनपुर, गाजीपुर एवं चंदौली के मुख्य चिकित्साधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में इस योजना से स्वस्थ्य हुए लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यशाला में प्रदेश के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी, नेशनल हेल्थ एजेंसी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह , कार्यशाला में वाराणसी के जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी मौजूद रहे।

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