मां थी बेबस, नर्स ने पिलाया बच्ची को अपना दूध

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एक हॉस्पिटल में एक बच्चे को उसकी मां दूध नहीं पिला सकी तो वहां ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उसे अपना दूध पिलाकर नई मिसाल पेश की। आरजी कर मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के लेबर पोस्ट ऑपरेटिव वॉर्ड (एलपीओवी) में ड्यूटी पर तैनात उमा अधिकारी (उसका नाम उसकी सहमति से प्रकाशित किया जा रहा है) भी हाल ही में मां बनी थीं। उमा कहती हैं कि बच्चे की मां, जो सी-सेक्शन से गुज़री थी, इसलिए वह बच्चे को दूध नहीं पिला सकती थीं। बच्चे को भूख से रोता हुआ उमा नहीं देख सकीं और उसे दूध पिला दिया।

लगभग आठ और महिलाएं थीं जिन्होंने वॉर्ड में हाल ही में बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन कोविद -19 के डर के कारण, कोई भी इस समय दूसरे बच्चे को दूध पिलाने के लिए तैयार नहीं हुआ। उमा कहती हैं, ‘रात हो चुकी थी, बच्चा भूख से रो रहा था। मैं खुद को बच्चे से दूर नहीं रख सकी। इसलिए, मैंने उसे खुद स्तनपान करने का फैसला किया।’

नई-नई मां बनीं अन्य महिलाओं में यह डर बिना किसी कारण के नहीं था। सभी प्रमुख अस्पतालों में कोविद-19 का खतरा है। जिन अस्पतालों में गर्भवती महिलाएं कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं, उनमें आरजी कर अस्पताल भी शामिल है। यहां तीन ऐसे मामले सामने आए हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, केपीसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, चित्तरंजन सेवा सदन और शहर के कुछ निजी अस्पतालों में भी गर्भवती महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने के 30 से अधिक मामले सामने आए हैं।

जब उमा ने उस नवजात को दूध पिलाना शुरू किया, उसी समय उनके पति शांतनु मैती ने उसे फोन किया। उनका आठ महीने का मासूम बेटा अपनी मां को वीडियो कॉल पर देखे बिना नहीं सोता था। लेकिन उमा ने फोन नहीं उठाया और टेक्स्ट मैसेज करके बताया था वह एक बच्चे को स्तनपान करा रही हैं। उमा ने कहा, ‘शांतनु थोड़ा चिंतित थे, क्योंकि मुझे अगली सुबह अपने बेटे को भी स्तनपान कराना था। लेकिन मैंने उसे आश्वासन दिया कि मैं सभी हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन कर रही हूं।’ अपनी बात को साबित करने के लिए उमा ने एक सेल्फी भी भेजी।

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