SR ग्लोबल स्कूल में मनाया गया ऑनलाइन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

लखनऊ: भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर बक्शी का तालाब सहित एसआर ग्लोबल स्कूल के प्राइमरी सेक्शन के बच्चों को विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन-शिक्षण के माध्यम से उनकी बाल-लीलाओं पर चर्चा करते हुए समझाया कि भगवान श्री कृष्ण ने बहुत ही कम उम्र मे पूतना जैसी भयानक राक्षसी का कैसे आसानी से वध कर दिया तथा बचपन मे ही उन्होंने बकासुर, अघासुर, सकटासुर आदि अनेक राक्षसों को मार गिराया। साथ ही बच्चों को श्री कृष्ण की बाल लीलाओं में माखन चोरी की अत्यन्त मनमोहक कथाओं से अवगत कराया गया कि जब श्री कृष्ण गोपिकाओं का माखन चुराते थे, तब गोपिकाएं माँ यशोदा से शिकायत करती किन्तु इन सबके पीछे श्री कृष्ण का स्वभाव उनकी चंचलता सभी गोकुलवासियों को मन्त्रमुग्ध कर देती थी।

श्री कृष्ण सदा गोकुलवासियों की रक्षा करते रहे, इसी क्रम में शिक्षिकाओं ने गोवर्धनलीला का प्रसंग भी बच्चों को ऑनलाइन सुनाया, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने किस प्रकार इन्द्र के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा की यह भी बताया। भगवान श्री कृष्ण से सभी गोकुलवासी बहुत प्रेम करते थे क्योंकि उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था, इस प्रकार सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को उन्हें अपना अच्छा स्वभाव-निर्माण की प्रेरणा दी। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ ऑनलाइन जन्मोत्सव अत्यन्त हर्षोल्लास के साथ मनाया। कुछ बच्चों ने राधा व श्री कृष्ण का वेश धारण कर सबको मन्त्रमुग्ध कर दिया। साथ ही बच्चों ने ’’मईया यशोदा ये तेरा कन्हैया’’ इस गीत पर शिक्षिकाओं के साथ मनमोहक नृत्य किया। इन्हीं प्रासंगिक कथाओं को सुनाकर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन मनाये जा रहे श्री कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम को समाप्त किया।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper