बॉर्डर पर रोक दिए ट्रक, मर गयीं उसमें लदीं सैकड़ों बकरियां

मुंबई: कोरोना का कहर देश में थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना काल में पड़ने वाले त्योहारों को लेकर लोगों में काफी बेचैनी सामने आती रही है. अब कुछ दिनों बाद बकरीद आने वाली है. मुस्लिमों में कुर्बानी के महत्व वाले इस त्योहार को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. लेकिन इस बार बकरीद को लेकर सरकारों ने पहले से ही दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं. बकरीद को लेकर लगीं तमाम पाबंदियों पर राजनीति भी हो रही है.

इस बीच महाराष्ट्र से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है. महाराष्ट्र में सैकड़ों बकरियां इस वजह से मर गयीं क्योंकि महाराष्ट्र बॉर्डर पर तैनात पुलिस बल ने बकरियां लेकर आ रहे ट्रकों को राज्य में घुसने की इजाजत नहीं दी. इस वजह से पशु व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि ये ट्रक पिछले सात दिनों से राज्य में प्रवेश करने की अनुमति के इंतजार में खड़े हैं. इस वजह से जानवरों को खिलाने के लिए भोजन और पानी की कमी हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों बकरियों की मौत हो गई है.

जानकारी के मुताबिक बकरियों वाले वाहनों को हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर रोका गया है. उनमें से अधिकांश को महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर रोका गया है, जबकि कुछ अन्य को विभिन्न चेक प्वाइंट पर रोका गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार बकरियों को ले जाने वाले वाहनों के पास उचित दस्तावेज नहीं हैं. यहां तक ​​कि उनके पास पशुधन के साथ यात्रा करने की अनुमति भी नहीं है. अधिकांश वाहन बकरियों से ठसाठस भरे होते हैं जो अमानवीय है.

काशीमीरा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे ने कहा, “हमने तीन एफआईआर दर्ज की हैं और मंगलवार को लगभग 111 बकरियों को जब्त किया है. सभी बकरियों को बीएमसी पशु टीम को दिया गया था जो वर्तमान में उनकी देखभाल कर रहे हैं. हम उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जो अवैध रूप से और बिना किसी दस्तावेज के बकरियों का परिवहन कर रहे हैं.” पुलिस ने वाहनों को भी जब्त किया है.

व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने बकरियों को खरीदने के लिए कर्ज लिया है. अगर महाराष्ट्र सरकार ने ट्रकों को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. एक व्यापारी इरफान शेख ने कहा, “मैंने कई लाख की बकरियां खरीदी हैं और अगर वे मुंबई नहीं पहुंचती हैं, तो मेरा परिवार बेघर हो जाएगा. मैं सीएम से मामले पर तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं.” एक अन्य व्यापारी अब्बास शेख ने कहा, “यहां राजमार्ग पर भोजन की कोई सुविधा नहीं है. लॉकडाउन में चीजें इतनी खराब थीं, हमें इन बकरियों को खरीदने के लिए पैसा उधार लेना पड़ा. हमें तत्काल मदद की जरूरत है. हम सब कुछ खो देंगे.”

एक अन्य व्यापारी तारिक मिर्जा ने कहा, “अगर फैसला नहीं लिया गया तो लोग मर जाएंगे या आत्महत्या कर लेंगे. त्योहार साल में एक बार आता है. कई बकरियां पहले ही मर चुकी हैं. हम महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से जल्द से जल्द फैसला लेने का अनुरोध करते हैं.”

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