यूपी में सूर्यदेव का कहर, बुंदेलखंड में पानी की मारामारी शुरू

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गर्मी का पारा लगातार चढ़ने से ग्रामीण इलाकों में पानी के लिये मारामारी शुरू हो गयी है। सर्वाधिक पानी के संकट से मवेशी जूझ रहे हैं। पूरे जनपद में तीस फीसदी तालाब अभी भी सूखे हैं। राजकीय नलकूपों व नहरों से सूखे तालाबों को पानी से भराने की कार्ययोजना भी यहां परवान नहीं चढ़ सकी है।

उल्लेखनीय है कि गर्मी का मौसम आने से पहले ही प्रशासन ने जिले भर के तालाबों की सूची तैयार कर खाली तालाबों को भरने की कार्ययोजना बनवायी थी मगर जून के छहरू दिन बीतने के बावजूद साठ फीसदी तालाबों में पानी भराने के कोई इंतजाम हाल फिलहाल नहीं हो सके। सरकारी रिपोर्ट पर गौर करें तो कुरारा क्षेत्र में 34 तालाबों में अभी भी धूल उड़ रही है, जबकि सुमेरपुर में 46, मौदहा में 28, मुस्करा में 35, राठ में 108, गोहाण्ड में 112 व सरीला क्षेत्र में 123 तालाब आज भी नीर को तरस रहे हैं।

जिले में पानी भराने योग्य तालाबों की संख्या भी 1334 है लेकिन आधे तालाब इन दिनों खुद ही प्यासे हैं। नलकूपों को संचालित नहीं किये जाने से गाँव में पानी की समस्या से इंसान और मवेशी दोनों ही जूझ रहे है। कढ़ोरन नाला भी सूखा पड़ा है। सुमेरपुर ब्लाक के कलौलीजार, नदेहरा, पतारा व कुरारा कस्बे में भी ज्यादातर तालाब सूखे हैं जिसके कारण मवेशियों को पीने के पानी के लाले पड़े है। यहीं हाल देवीगंज गाँव का है जहाँ राजकीय नलकूपों का संचालन न होने से तालाबों में धूल उड़ रही है। बड़ी संख्या में मवेशी पानी के लिये इधर उधर भटक रहे हैं।

ग्रामीणों की मानें तो पेयजल का संकट गहराने के पीछे सबसे ज्यादा विद्युत व नलकूप विभाग जिम्मेवार है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई बद इंतजामी की भेंट चढ़ गयी है। आये दिन लोकल फाल्ट से निजी नलकूप भी नहीं चल पा रहे हैं, जबकि लो वोल्टेज के कारण नहरें भी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही है। जिले में 545 राजकीय नलकूप है मगर इनमें 15 नलकूप तो पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। राजकीय नलकूपों का तो यह हाल है कि इनमें बड़ी तादाद में नलकूप पूरी क्षमता से चल नहीं पा रहे है। ग्रामीणों की मानें तो पानी के लिये अब जिले में विकराल स्थिति होती जा रही है यदि समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किये गये तो पशुओं के मरने का सिलसिला भी शुरू हो जायेगा।

जिला पंचायतराज अधिकारी डीपी तिवारी ने शुक्रवार को बताया कि पंचायत सचिवों को एक-एक गांव में सूखे तालाब भरवाने की जिम्मेदारी दी गयी थी जिसमें अभी तक तीन सौ के करीब तालाबों में पानी भराया जा चुका है। कई स्थानों पर नलकूपों के खराब होने के कारण तालाब अभी भरवाने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जल्द ही इस समस्या को दूर कर लिया जायेगा।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper