अंतिम नहीं, फर्स्ट

हरदोई के सांडी ब्लाक क्षेत्र के गांव भदार के एक किसान सुनील सिंह की बेटी अंतिमा ने जिले के साथ पूरे प्रदेश की लड़कियों के सामने मिसाल पेश की है। चार बच्चों में तीसरे नंबर की अंतिमा सिंह ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई शहर के श्री बेनीमाधव विद्यापीठ से पूरी की है। बिलग्राम तहसील क्षेत्र के सदरपुर में स्थित रामलाल महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और इस वक्त एटा में डीएलएड की पढ़ाई कर रही हैं।

अंतिमा की बड़ी बहन सुरभि इस वक्त लखनऊ में पुलिस सिपाही की ट्रेनिंग कर रही है। अंतिमा ने भी बड़ी बहन की राह पर चलते हुए वर्ष 2018 में पहली बार पुलिस भर्ती परीक्षा दी। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। असफलता को चुनौती के रुप में लेते हुए अंतिमा अपनी कमियों को दूर करने के लिए जी-जान से मेहनत करने लगीं। 2019 में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और जब 2 मार्च, 2020 को रिजल्ट आया, तो पता चला कि अंतिमा महिला वर्ग में पूरे प्रदेश में फस्र्ट आई हैं।

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