अकबर पहुंचे अदालत तो महिलाओं ने कहा इन्साफ के लिए लड़ाई जारी रहेगी

दिल्ली ब्यूरो: और वही हुआ जो होना था। महिला पत्रकारों ने अपने पूर्व संपादक और केंद्रीय मंत्री अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया लेकिन मंत्री महोदय ने आरोपों को बेकार और मनगढंत बताते हुए कार्रवाई की धमकी दे डाली। रविवार को एमजे अकबर ने जो कुछ भी कहा उसे देश दुनिया ने सुना। और लगे हाथ अपने बयान को पुख्ता करने के लिए आरोप लाग्ने वाली पहली महिला पत्रकार प्रिय रमानी पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दिल्ली के पटियाला कोर्ट में दर्ज करा दी अकबर साहब ने। लेकिन इससे भयभीत कोई नहीं हुआ। आरोप लगाने वाली महिलाये और एक्टिव हो गयी। अभी तक पांच महिलाओं के बयान सामने आये हैं जिन्होंने साफ़ साफ़ कहा है कि सारे आरोप सही है। और वे अपना आरोप वापस नहीं लेंगी। बता दें कि अकबर पर अबतक 11 महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगा चुकी है।

केन्द्रीय मंत्री एम जे अकबर के खिलाफ पांच महिला पत्रकारों ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर अपने आरोप वापस नहीं लेंगी और इंसाफ पाने के लिए वह लड़ेंगी। महिला पत्रकारों की ये प्रतिक्रिया एमजे अकबर के रविवार के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके उपर लगाए गए सभी आरोप निराधर और बकवास है। महिला पत्रकारों का कहना है कि वह एमजे अकबर के इस बयान के सामने आने के बाद भी अपने बात से पीछे नहीं हेटेंगी। दो महिला पत्रकारों ने तो कहा है कि वह अकबर के बयान के बाद निराश हैं लेकिन हैरान नहीं हैं, क्योंकि उन्हें पता था कि एमजे अकबर कभी इस बात को लेकर सच नहीं बोलेंगे।

एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी पत्रकार सुपर्णा शर्मा का कहना है, एमजे अकबर मेरे लगाए हुए सारे आरोप सच हैं और मैं अपने बात से पीछे नहीं हटने वाली हूं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान सुपर्णा शर्मा दो घटनाओं का जिक्र किया है। पहली घटना- जब एमजे अकबर ने मेरी ब्रा की स्ट्रीप खींची। दूसरी घटना जब उन्होंने लगातार दफ्तर में मेरे ब्रेस्ट को घूरते रहे थे। उन्होंने ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीं बल्कि कई महिलाओं के साथ दफ्तर में ऐसा किया है। अकबर के खिलाफ ये मेरे एक लंबी लड़ाई होगी। मैं इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करूंगी। सुपर्णा शर्मा वर्तमान में दिल्ली में द एशियन एज की संपादक हैं।

एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी विदेशी पत्रकार डीपी कांप का भी यही कहना है कि वह अकबर के बायन से निराश हैं लेकिन आश्चर्यचकित नहीं हूं। मैंने जो कुछ भी कहा है वह सच कहा है, मेरे पास सारे सबूत हैं। मैंने बिना तथ्यों के उनपर आरोप नहीं लगाए हैं। जब डीपी कांप से पूछा गया कि 2019 के चुनाव के पहले एमजे अकबर पर ऐसे यौन शोषण का आरोप लगाना कोई एजेंडा तो नहीं हैं ना? तो डीपी कांप ने जवाब दिया- नहीं, मेरा ऐसा कोई एजेंडा नहीं है। ना मैं भारत की नागरिक हूं और ना ही होने वाले चुनाव में मैं वोट दूंगी। मेरा ऐसा बोलने के पीछे कोई राजनीतिक ऐजेंडा नहीं है। मैंने इसके लिए उस वक्त भी आवाज उठाई थी, मेरे पिता ने अकबर को उस वक्त भी ईमेल किया था। बता दें कि 2007 में जब एमजे अकबर एशियन एज के संपादक थे। उस पत्रकार डीपी कांप वहां इंटर्न थी। उस वक्त अकबर 55 साल के थे और महिला पत्रकार की उम्र 18 साल थी।

डीपी कांप ने बताया है कि अकबर से मुलाकात उसकी अपने पिता की वजह से हुई थी। उनके पिता 1990 में दिल्ली में विदेशी संवाददाताओं के रूप में काम किया करते था। महिला पत्रकार ने बताया, ”जिस दिन उसके इंटर्नशिप का आखिर दिन था। उस दिन वह अकबर से बात करने जाने वाली थी लेकिन वह खुद उसके डेस्क के पास आकर इधर-उधर घुमने लगे। मैं उस वक्त बैठी हुई थी तो मैंने अपना हाथ उनकी ओर बढ़ाया लेकिन इतने में वो मेरी तरफ आए और मेरे हाथों के नीछे से हाथ लगाकर जबरन मेरे कंधे को पकड़ा। उसके बाद खींच मेरे साथ माउथ-टू-माउथ किस किया था।

पत्रकार प्रिया रमानी ने अकबर के बयान के बाद कहा है, मुझे किसी मानहानि के केस का कोई डर नही है क्योंकि मैं सच बोल रही हूं और सच बोलने वालों को कोई चिंता नहीं होती है। इंडियन एक्सप्रेस ने बात करते हुए प्रिया रमानी ने कहा, जिन्होंने 8 अक्टूबर को अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा है कि हम अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए ये बात कही है, जो सच है। अकबर के खिलाफ हम कोई राजनीतिक षड्यंत्र नहीं रच रहे हैं।

फ्रीलांस जर्नलिस्ट कनिका गहलोत जो अकबर के साथ 1995 से 1997 के बीच में काम किया है। उनका कहना है कि इस दौरान उनके साथ भी एमजे अकबर ने यौन शोषण किया है। कनिका गहलोत का कहना है, मैं अपनी बोली हुई हर बात पर अड़ी हूं। मैंने जो भी आरोप लगाए हैं, वो सच है। हां लेकिन मैं इस बात का दावा नहीं कर रही हूं कि बाकी लोग जो आरोप लगा रहे हैं वो सच है या झूठ।

पत्रकार शुतपा पॉल ने भी एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगा लगाया है। एमजे अकबर के सारे आरोपों के खारिज करने के बाद उन्होंने कहा है, ‘मैं भी उनके इस बयान को सुनकर हैरान हो गई हूं लेकिन जो सच है वह तो सच ही रहेगा। ये लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं है मेरी जैसी उन सब महिलाओं की है जो काम की जगह पर यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं के झेल रही हैं। बता दें कि एमजे अकबर पर अब तक ग्यारह महिलाओ ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। इन पांच महिलाओं के अलावा यूके बेस्ड पत्रकार रुथ डेविड, पत्रकार सबा नकवी, फोर्स मैगजीन की एक्जिक्यूटिव एडिटर गज़ाला वहाब, पत्रकार शुमा राहा, पत्रकार प्रेरणा सिंह बिंद्रा और पत्रकार कदंबरी वेड ने भी आरोप लगाया हैं।

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