अधूरे सपनों को छोड़ अलिवदा कह गए सुशांत, मां के नाम अंतिम संदेश

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत महत्वाकांक्षी कलाकार थे और उन्हें बेहतरीन फिल्में करने का तो शौक था ही, वह इसके अलावा बड़े-बड़े सपने भी देखा करते थे। सुशात सिंह राजपूत सोशल मीडिया पर फैन्स के साथ अपने उन सपनों को साझा किया करते थे। सुशांत ने बताया था कि उन्हें प्लेन उड़ाने से लेकर, नेत्रहीन लोगों को कंप्यूटर कोडिंग सीखनी थी। इसके अलावा सुशांत को गाड़ियों का भी खासा शौक था। वह लैंबोर्गिनी कार खरीदना चाहते थे। सुशांत पर्यावरण के लिए भी योगदान देना चाहते थे और 1000 पेड़ों को लगाने की तैयारी कर रहे थे।

सुशांत इस लिस्ट में स्वामी विवेकानंद पर डॉक्यूमेंट्री, सिमेटिक्स पर प्रयोग, ट्रेन से यूरोप की यात्रा, डिफेंस फोर्स के लिए स्टूडेंट्स को तैयारी कराना, महिलाओं को आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग देना और क्रिया योगा सीखना जैसी गतिविधियां भी शामिल थी।

अब उनकी लिस्ट में प्रोफेशनल खिलाड़ी के साथ चेस और पोकर खेलना, मोर्स कोड सीखना, खेती करना सीखना, महिलाओं को सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग में मदद करना भी शामिल था। सुशांत को क्रिकेट भी बहुत पसंद था। उन्होंने बताया था कि वह बाएं हाथ से क्रिकेट खेलना भी सीखना चाहते थे लेकिन अब सुशांत इन सपनों को अधूरा ही छोड़कर चले गये।

मां को लेकर सुशांत ने किया था अंतिम पोस्ट

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी मां को लेकर अंतिम पोस्ट किया था जो अब वायरल हो रहा है। सुशांत ने रविवार को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कुछ दिनों से सोशल मीडिया से भी दूर ही थे लेकिन तीन जून को उन्होंने अपने अंतिम पोस्ट से सबको इमोशनल कर दिया था।

इस पोस्ट में सुशांत ने अपनी मां और खुद की फोटो को मिलाकर एक कोलाज बनाया था, जिसके कैप्शन उन्होंने लिखा कि सुओं से वाष्पित होता अतीत, मुस्कुराहट के एक आर्क को उकेरते सपने, और एक क्षणभंगुर जीवन, दोनों के बीच बातचीत …मां।

सुशांत की मां का निधन उस समय हो गया था जब के केवल 16 साल के थे। सुशांत परिवार में सबसे ज्यादा मां के करीब थे। मां के जाने के बाद वह काफी दुख में थे। इतना ही नहीं सुशांत का आखिरी पोस्ट भी मां के लिए था।

पिता को पहाड़ पर घुमाने की ख्वाहिश रह गई अधूरी

सुशांत सिंह राजपूत अपने पिता को पहाड़ पर घुमाना चाहते थे लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई। सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण कुमार सिंह पटना के राजीव नगर स्थित अपने मकान में एक केयरटेकर के साथ रहते हैं। सुशांत अपने पिता को पहाड़ पर घुमाने ले जाना चाहते थे लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई।

बेटे सुशांत की मौत की खबर सुनकर पिता सदमे में हैं। उनकी केयरटेकर लक्ष्मी देवी ने बताया कि सुशांत उन्हें दीदी कहकर बुलाते थे। लक्ष्मी ने कहा कि सुशांत रोज अपने पापा से बात करते थे। दो दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि दीदी कोरोना से बचकर रहिएगा।

लक्ष्मी ने बताया कि सुशांत ने कुछ दिन पहले कहा था इस बार वह पटना आएंगे तो अपने पापा को किसी पहाड़ में घूमने ले जाएंगे। वह तो आए नहीं लेकिन यह मनहूस खबर आ गई। लक्ष्मी ने बताया कि सुशांत की बड़ी बहन चंडीगढ़ में रहती हैं, जो पटना के लिए रवाना हो रही हैं।

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