अनारकली का जादू

लखनऊ: एक तरफ जहां मुगलिया निशानियों के नाम बदलने को लेकर विवाद चल रहा है, तो दूसरी ओर मुगलिया पोशाकों का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। बच्चे-बुजुर्ग, नौजवान, महिलाएं, लड़कियां सभी पर मुगलिया पहनावे का खुमार चढ़ा हुआ है। यही वजह है कि चाहे शादी-ब्याह का मौका हो या फिर कोई त्योहार-उत्सव, हर उम्र के लोग मुगलिया अंदाज के अनारकली डिजाइन के परिधान पहने देखे जा रहे हैं। मुगलिया पोशाक के क्रेज के बारे में बता रही हैं मधु निगम

फैशन हर दिन बदलता है, लेकिन उसका अंदाज आधुनिकता के साथ-साथ परंपरा भी लिए रहता है। हालांकि कुछ ऐसे भी फैशन हैं, जो थोड़े-थोड़े समय के बाद ट्रेंड में वापस लौट आते हैं। इन्हीं में से एक है अनारकली का फैशन। इन दिनों मुगलिया अंदाज के इस परिधान का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। चाहे वह शादी-ब्याह का मौका हो या फिर कोई त्योहार-उत्सव, हर उम्र के लोग मुगलिया अंदाज के अनारकली डिजाइन के परिधान पहने देखे जा सकते हैं।

फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में अनारकली ने जो ड्रेस पहनी थी, वह आज हर लड़की किसी न किसी शादी या पार्टी में पहन कर दिखाई दे जाती है। ऐसा लगता है जैसे पुराना जमाना वापस आ गया है। दरअसल, भारत में मुगलों की बनाई इमारतें ही धरोहर नहीं हैं, बल्कि उनके समय का खानपान, कपड़े, आभूषण भी हम इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हैं। मुगलिया फैशन का लोगों पर ऐसा खुमार चढ़ा है कि बाजार हो या मॉल्स सभी जगह पर लंबे-लंबे फ्रॉक सूट, कली वाले सूट, खूब घेरेदार लहंगे, मुगलिया एंब्रॉयडरी किए हुए दुपट्टे आदि दिखाई देंगे। आजकल शादियों में दूल्हा-दुल्हन भी तैयार होते हैं, तो नवाबी ठाठ में। मतलब वे डिजानर से डिमांड करते हैं कि ‘मेरी शादी के कपड़े अकबर जैसे हों या जोधा जैसे हों।’ साथ ही नाक की नथ हो या कानों का झुमका, हर किसी में मुगलिया जादू चढ़ा है।

इसके अलावा वेबसाइट्स पर भी मुगलिया पोशाकों की भरमार है। यहां सिल्क, वेलवेट, मखमली, जॉर्जट जैसे कपड़े आपको मिल जाएंगे। दरअसल, मुगलिया लिबास के लिए हमारे सामने सबसे बड़ी प्रेरणा ताजमहल है। क्योंकि उसमें जो कला उकेरी गई है, हम उसे ही अपने कपड़ों में डिजाइन करवाते हैं। आज हम चाहे कोई परिधान बनाएं, उसमें काम जरदोजी का ही करते हैं और उन कपड़ों में डिजाइन की मूल अवधारणा मुगलों की होती है। लखनऊ हो कोई अन्य शहर, हर तरफ आजकल शरारा, गरारा, चोली, लंबी फ्रॉक, गाउन जैसी पोशाकें बहुत देखने को मिल जाती हैं। इन सभी पोशाकों का आधार मुगलिया डिजाइन है। गरारा और शरारा तो शुद्ध मुगलिया हैं। इन पोशाकों की खास बात यह है कि ये कपड़े आपके बदन को सिर से लेकर पांव तक ढक देते हैं और सॢदयों में ठंड से बचाते हैं।

शरीर की बनावट का रखें ख्याल : अनारकली पैटर्न के चूड़ीदार-कमीज की खासियत होती है उसका घेर। इसमें अस्सी कली के लहंगे जितना घेर भी हो सकता है। अगर बहुत घेर नहीं चाहिए तो फ्रॉक स्टाइल में सिंपल ए-लाइन कुर्ता भी पहना जा सकता है। अगर आपका शरीर भारी है, तो भी आप शौक से अनारकली कुर्ता पहन सकती हैं। भारी शरीर वालों के लिए थोड़े कम घेर के, शॉर्ट या लॉन्ग तथा बिना चोली पैटर्न के कुर्ते अच्छे लगते हैं। अगर आपका शरीर दुबला-पतला है, तो आपको कॉटन के, थोड़े फूले हुए तथा कमर से चोली पैटर्न की अच्छी फिटिंग लिए कुर्ते सिलवाने चाहिए। क्रश कॉटन, नेट, जामा जैसे मटेरियल आप अपना सकती हैं। अगर आपका बॉडी फ्रेम संतुलित है, तो आप लगभग हर तरह के प्रयोग कर सकती हैं।

हाइट के हिसाब से करें सेलेक्शन : अगर आप लंबी हैं, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। अनारकली लंबी लड़कियों पर खूब फबता है। अनारकली में लंबाई बढ़ी हुई नजर आती है, लेकिन अगर आप अपनी हाइट छिपाना चाहती हैं, तो कॉन्ट्रास्ट कलर यूज कर सकती हैं। इसमें भी आप एंपायर लाइन या वेस्ट लाइन वाले अनारकली को प्राथमिकता में रखें। अगर आपकी हाइट कम है, तो आपको अनारकली सूट सोच-समझ कर चुनना चाहिए। इसके लिए अनारकली सूट में ज्यादा फ्लेयर ना लें। दरअसल, छोटी हाइट की लड़कियों को मॉडरेट फ्लेयर्स लेने चाहिए। इनमें ज्यादा फ्लेयर्स से बचें। इसमें लाइट फैब्रिक चुनें। आप इसमें अनारकली कुर्ते की हाइट घुटनों तक लें। इससे आपकी हाइट थोड़ी ज्यादा लगेगी और आप गॉॢजयस भी दिखेंगी।

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