अनोखा हैंडसेट लेकर संसद पहुंचे प्रकाश जावड़ेकर

नई दिल्ली: मोबाइल पर लगातार बात करने से होने वाले रेडिएशन के खतरे से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अलग ही रास्ता अपनाया है। शुक्रवार को जब वह संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे तो उनके हाथ में मोबाइल के साथ-साथ हैंडसेट भी था। उन्होंने हैंडसेट को अपने मोबाइल के साथ कनेक्ट कर रखा था। जब उनसे पूछा गया कि आखिर आपने ऐसा क्यों किया है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

कान पर लगातार मोबाइल लगाए रहने से रेडिएशन का खतरा रहता है। रेडिएशन से बचने के लिए ही केंद्रीय मंत्री ने यह तरीका इस्तेमाल करना शुरू किया है। प्रकाश जावड़ेकर शुक्रवार को जब मोबाइल से जुड़े हैंडसेट को लेकर संसद पहुंचे तो लोगों में इस बात को लेकर काफी उत्साह था।

पार्लियामेंट में जब प्रकाश जावड़ेकर मोबाइल से जुड़े हैंडसेट को लेकर पहुंचे तो लोग उत्सुकता इसे देखने से अपने को नहीं रोक सके। आपको बता दें कि देश भर में मोबाइल रेडिएशन को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के इरादे से दूरसंचार विभाग ने तरंग संचार के नाम से एक वेब पोर्टल शुरू किया है। इस मुद्दे पर कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा था कि मोबाइल टॉवरों को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाने का काम कुछ गैर सरकारी संगठन कर रहे हैं, लेकिन उनके दावों में कोई वैज्ञानिक सच्चाई नहीं है।

सरकार के मुताबिक, डिजिटल इंडिया का सपना साकार करने के लिए टेलीकॉम सेक्टर में जोरदार बढ़ोतरी जरूरी है। ऐसे में मोबाइल रेडिएशन को लेकर फैलाई जा रही गलतफहमियों पर अंकुश लगाया जाना जरूरी हो गया है। इस तरह की जानकारी रोकने के लिए सरकार ने तरंग पोर्टल शुरू किया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper