अपनी चालों से बाज नहीं आ रहा चीन! अब एक द्वीप पर सैन्‍य अड्डा बनाने की फिराक लगा

लद्दाख: लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्‍जा करने की फिराक में लगे चीनी ड्रैगन ने पूरे साउथ चाइना सी पर कब्‍जा करने लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। चीन अब फिलीपींस से सटे स्‍कारबोरोघ शोअल द्वीप पर एयर और नेवल बनाने जा रहा है। चीन साउथ चाइना सी में बहुत जल्‍द ही हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र बनाना चाहता है और इसमें शोअल द्वीप की बड़ी भूमिका होगी। चीन के इस कदम से अमेरिका के साथ उसके रिश्‍ते और ज्‍यादा बिगड़ सकते हैं।

अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने रिटायर सीनियर जस्टिस एंटोनियो कार्पियो के हवाले से बताया कि चीन बहुत जल्‍द ही शोअल द्वीप पर हवाई और नौसैनिक अड्डा बनाने जा रहा है। एंटोनियो ने कहा, ‘चीन ने जब संकेत दिया है कि वह हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र बनाना चाहता है तो इसका केवल एक ही मतल‍ब है कि चीन जल्‍द ही शोअल द्वीप पर एयर और नेवल बेस बनाने जा रहा है।’

अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट गया था फिलीपींस
उन्‍होंने कहा कि बिना इस द्वीप पर सैन्‍य अड्डा बनाए चीन का यह सपना पूरा नहीं होने जा रहा है। वर्ष 2012 में हुए विवादित गतिरोध के बाद फिलीपींस ने इस द्वीप पर से अपना कब्‍जा खो द‍िया था। यह द्वीप जामबलेस से मात्र 120 नाटिकल मील की दूरी पर स्थित है। इसके बाद फिलीपींस ने चीनी कदम के खिलाफ अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इस द्वीप के 200 समुद्री मील इलाके पर फिलीपींस का अधिकार माना। हालांकि कोर्ट ने इस द्वीप पर किसी का कब्‍जा नहीं माना। चीन और ताइवान दोनों ही इस द्वीप पर अपना दावा करते रहे हैं।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सेना जल्‍द ही दक्षिण चीन सागर में एयर डिफेंस आइडेंटिफ‍िकेशन जोन बनाने जैसा विवादित कदम उठाने पर विचार कर रही है। चीन जोन के अंदर प्रतास, पार्सेल और स्‍पार्टले द्वीप समूह को भी शामिल कर रहा है। इन द्वीपों को लेकर उसका ताइवान, वियतनाम और मलेशिया से विवाद चल रहा है। चीन इस जोन को बनाने पर वर्ष 2010 से विचार कर रहा है लेकिन अभी तक हिम्‍मत नहीं जुटा पा रहा था। माना जा रहा है कि अब दुनिया को कोरोना संकट में फंसा देख चीन को मौका मिला गया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper