अपोलोमेडिक्स देगा महिलाओं को एक साल के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सेवा

लखनऊ: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने ”ये वर्ष महिलाओं के लिए” अभियान के अन्तर्गत महिलाओं को 31 दिसंबर 2020 तक एक वर्ष की नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच सेवा प्रदान करने की घोषणा की है। हॉस्पिटल द्वारा शुरू की जा रही महिलाओं की इस स्वास्थ्य सेवा का उद्घाटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण स्वाति सिंह ने किया। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखते हुए यह पहल किसी भी निजी अस्पताल द्वारा लखनऊ में की गई अपनी तरह की पहली और अनोखी सुविधा है।

महिला स्वास्थ्य जांच योजना में डिजिटल मैमोग्राफी परीक्षण, बोन डेंसिटी टेस्ट (डेक्सा स्कैन) व पैप स्मीयर (पैप टेस्ट) जैसी प्रमुख स्वास्थ्य जांच सेवाएं शामिल हैं। यह योजना महिला हेल्थ केयर की पहुंच में कमी एवं इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में आ रहे नकारात्मक परिणामों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण स्वाति सिंह ने इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल द्वारा यह प्रयास स्वास्थ्य सेवा में महिलाओं के कल्याण के लिए एक सराहनीय कदम है, यह न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार में मदद करेगा, बल्कि बीमारियों की सही रोकथाम व् उनके उचित उपचार का रास्ता भी खोलेगा । मैं सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए कहना चाहती हूं कि आप हॉस्पिटल द्वारा पेश की जा रही इन सभी मुफ्त सेवाओं का भरपूर लाभ उठाएं।”

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की संस्थापक, डॉ. कविता सोमानी ने कहा कि, “ ये परीक्षण सामान्य तौर पर व्यापक रूप से फैलने वाली बीमारियों को देखते हुए किए जाते हैं जिनसे महिलाओं को अक्सर खतरा बना रहता है। ये परीक्षण स्तन कैंसर जैसी भयानक बीमारियों का पूर्वानुमान लगाने में मदद करेंगे, जो सामान्यतः सभी महिला को होने वाले कैंसर के एक तिहाई मामलों में से एक है। उच्च मृत्यु दर, जागरूकता की कमी और स्क्रीनिंग व निदान में देरी के कारण भारत में हर 13 मिनट में एक मौत स्तन कैंसर से होती है। महिलाओं में स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए मैमोग्राफी का उपयोग किया जाता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हड्डियों की बीमारियाँ ज्यादा होती है, इन बीमारियों में सबसे पहले नाम आता है ऑस्टियोपोरोसिस का जोकि एक साइलेंट किलर है, जिसकी वजह से फ्रैक्चर का खतरा काफी बढ़ जाता है, फ्रैक्चर जोकि किसी भी व्यक्ति विशेष के लिए बहुत बड़ी आर्थिक समस्या है, इसलिए इसकी रोकथाम ज़रूरी है, जिसके लिए हमने विश्व स्तरीय मशीनों, उपकरणों की सहायता से होने वाली डेक्सा स्कैन नामक जांच की सुविधा भी महिलाओं के लिए मुफ्त में की है। ”

गायनोकोलॉजिस्ट एवं ऑब्सटेरिशन विशेषज्ञ ” डॉ. नीलम विनय ने बताया की- पूरे दुनियाभर में भारत वर्ष सर्वाइकल कैंसर के एक चौथाई बोझ के लिए जिम्मेदार है । कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा मौते 17% सर्वाइकल कैंसर की वजह से होती है, एक अनुमान के तौर पर देखा जाए तो 30 से 69 वर्ष की आयु की महिलाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर होने के ज्यादा चान्सेज है ऐसा देखा गया है कि अपने जीवनकाल में 53 भारतीय महिलाओं में से 1 में यह बीमारी होती है हम पैप स्मीयर टेस्ट भी मुफ्त में करवा रहे हैं, जो मूल रूप से महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर और कैंसर प्रक्रियाओं का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है।

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ, डॉ. मयंक सोमानी ने कहा कि, “जागरूकता और समय से जांच भारत में मरीजों के जीवन को बचाने के लिए एकमात्र महत्वपूर्ण कारक है, हमारी विश्वस्तरीय हेल्थ केयर टेक्नोलॉजी और आवश्यक मेडिकेशन के साथ हम महिलाओं में होने वाली गंभीर बिमारियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper