अब ग्रीन पटाखे बिकेंगे, ऑनलाइन बिक्री पर रोक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पूरी तरीके से पाबंदी लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और उत्पादन की अनुमति दी है जिससे प्रदूषण कम होता है। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ई-कॉमर्स पोर्टल अमेजन और फ्लिपकार्ट को पटाखे बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि धार्मिक आयोजनों और शादी समारोहों में प्रतिबंधित केमिकल वाले पटाखों का इस्तेमाल नहीं करें। केवल उन्हीं पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी जिनकी आवाज की डेसिबल सीमित है।

कोर्ट ने पिछले 28 अगस्त को आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दीवाली पर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री रोक दी थी। याचिकाकर्ता पूरे देश मे लागू करने की मांग कर रहे थे। केंद्र ने कहा था कि पटाखों की बिक्री रोकना सही नहीं। उत्पादन पर नियम बने। सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार, पटाखा विक्रेताओं और निर्माताओं ने कहा था कि ठंड के महीनों में प्रदूषण कई वजहों से होता है। बिना किसी सटीक अध्ययन के इसके लिए पटाखों को ज़िम्मेदार ठहराना गलत है। पटाखों की गुणवत्ता सुधारने पर काम हो।

पिछले 21 अगस्त को केंद्र सरकार ने कहा था कि पटाखों के उत्पादन को लेकर नियम बनाना बेहतर कदम है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि एल्युमिनियम और बेरियम जैसी सामग्री का इस्तेमाल रोकना सही कदम होगा। सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार, पटाखा उत्पादकों और विक्रेताओं ने कहा था कि बिना किसी ठोस वैज्ञानिक रिसर्च के कोर्ट ने पिछले साल दिल्ली में पटाखों की बिक्री रोक दी थी। इससे लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ था। प्रदूषण के लिए पटाखों से ज़्यादा कई दूसरी चीज़ें ज़िम्मेदार हैं।

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पिछले 14 अगस्त को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वो अगले एक साल में ईको फ्रेंडली पटाखे बनवाने की तैयारी कर रहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि पहले ये बताइए कि इस साल दीवाली को लेकर आपका क्या स्टैंड है। तब केंद्र सरकार ने कहा कि बैलेंस बनाइये, पटाखों पर पूरी रोक न लगाइए। तब कोर्ट ने पूछा कि बैलेंस मतलब क्या? लिखित जवाब दाखिल करें।

ये याचिका उन तीन बच्चों की ओर से दायर की गई थी जिन पर सुनवाई करते हुए 25 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर बैन लगा दिया था। ज्ञात रहे कि 9 अक्टूबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2017 तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इस आदेश को संशोधित करने की मांग भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

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