अब देश में नहीं घुस सकेंगी टिड्डियां

नई दिल्ली। भारत सरकार ने दावा किया है कि तमाम उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल से टिड्डियों के हमले से पैदा हालात पर काबू पा लिया है। सरकार का कहना है कि राज्य सरकार और किसानों के सहयोग से इस हमले को भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती जिलों तक ही सीमित करने में सफलता मिली। सरकार ने पूरे मामले को देखने के लिए एक इंटर मिनिस्ट्रीयल ग्रुप भी बनाया है, जो तय करेगा कि भविष्य में भी सीमा पार से आ रहे इन हमलावरों को पूरी तरह से समाप्त करने में सफलता मिले।

ये किए उपाय
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 माइक्रोनेयर स्प्रेयर खरीदे, जो जनवरी में ही भारत पहुंच गए थे। हवाई नियंत्रण क्षमता बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है, ताकि आने वाले सालों में भी टिड्डियों को पाकिस्तान की सीमा से भारत में घुसने से रोका जा सके।

राजस्थान के किसानों का भारी नुकसान
पाक से आए टिड्डी दलों के हमलों से राजस्थान के किसानों का भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। कृषि अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि टिड्डी दलों को पाकिस्तान से लगते भारत के सीमावर्ती जिलों में नहीं रोका जाता तो, न सिर्फ राजस्थान में फसलों को भारी मात्रा में नुकसान होता, बल्कि पश्चिमी भारत और दूसरे क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाता। साथ ही लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ता, यह भी संभव था कि टिड्डियों का दल हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ते।

केंद्र सरकार ने राजस्थान और गुजरात सरकारों को टिड्डियों के संभावित हमले के बारे में एडवाइजरी जारी की थी। साथ ही इसकी चपेट में आने वाले इलाकों में जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया था, वहीं भारत-पाकिस्तान की सीमा पर टिड्डी नियंत्रण के लिए अस्थाई शिविर स्थापित किए गए। सरकारी सूत्र बताते हैं कि कर्मचारी त्योहारों और छुट्टी के दिनों में भी टिड्डियों को रोकने के काम पर लगे रहे, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय से प्रशासनिक तथा वित्तीय सहयोग मिलता रहा।

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