अब बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा- अयोध्या बुद्ध की भूमि है और बुद्ध की प्रतिमा ही लगनी चाहिए

दिल्ली ब्यूरो: बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले का फिर बयान सामने आया। पार्टी लाइन से हटकर साध्वी फुले का बयान हालांकि कोई नया नहीं है लेकिन हथोड़ा से कम भी नहीं। साफ़ है कि बीजेपी के लोग और खासकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी जी जो सोचते हैं और करते दीखते हैं उससे साध्वी की राजनीति मेल नहीं खाती। बीजेपी की नजर में वे भले ही अक्खर दिखती हों लेकिन उनकी बातें संविधान के अंतरगत ही है। वे संविधान को पूजती हैं ,मानती हैं और संविधान पर ही देश चले ऐसा समझती भी हैं। लेकिन बीजेपी को शायद संविधान की फ़िक्र नहीं। साध्वी इसी वजह से बिफर जाती हैं। तुनक जाती हैं और बहुत कुछ बोल जाती है।

साध्वी ने फिर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर की जगह भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की जाए। भाजपा सांसद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने के लिए कानून लाने की मांग तेज हो रही है और भाजपा नेता इस मुद्दे पर लगातार प्रतिबद्धतापूर्ण प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

साध्वी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर अयोध्या में जब विवादित स्थल पर खुदाई की गई थी, तो वहां तथागत से जुड़े अवशेष निकले थे। उन्होंने कहा, ‘मैं साफ करना चाहती हूं कि यह बुद्ध का भारत था। अयोध्या बुद्ध का स्थान है। इसलिए वहां तथागत बुद्ध की ही प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए।’वहीं, संघ के प्रचारक और भाजपा के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा द्वारा राम मंदिर निर्माण के पक्ष में एक निजी विधेयक लाए जाने संबंधी सवाल पर फुले ने कहा, ‘भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष है जिसमें सभी धर्मों की सुरक्षा की गारंटी दी गई है। संविधान के तहत ही देश चलना चाहिए। सांसद या विधायक को भी संविधान के तहत ही चलना चाहिए। ’

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