अब वेद-शास्त्र से होगी मौसम की ‘भविष्यवाणी’, BHU के वैदिक विज्ञान केन्द्र का खास प्लान

लखनऊ: काशी हिंदू विश्वविद्यालय का वैदिक विज्ञान केंद्र भी मौसम की जानकारी देगा। वैदिक विज्ञान केंद्र वेद, शास्त्र ,ज्योतिष और अंक शास्त्र के आधार पर गणना कर मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी के साथ भूकम्प, त्रासदी और पर्यावरण की जानकारी देगा। केंद्र के नवनिर्मित भवन के कृषि और पर्यावरण विभाग में ये गणना की जाएगी।

केंद्र के कोऑर्डिनेटर डॉ उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आधुनिक विज्ञान की तरह हमारे वैदिक विज्ञान में भी जलवायु, पर्यावरण दैवीय आपदा की गणना आदि काल से की जा रही है। हम इसी वैदिक साहित्यों और वेदों के आधार पर मौसम की सटीक जानकारी देंगे। आधुनिक विज्ञान से पहले हम ऋषि मुनि इसी तकनीक का प्रयोग के जलवायु का पूर्वानुमान लगाया करते थे। अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय का वैदिक विज्ञान केंद्र यही करेगा।

कृषि को होगा बड़ा फायदा

बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र से मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी से किसानों को बड़ा फायदा होगा। किसान मौसम की सही जानकारी के बाद अब कृषि कार्यों को समय रहते कर पाएंगे। वर्षा ,ओलावृष्टि जैसे दैवीय आपदा की जानकारी पहले से होने पर कृषि अपने फसलों को नुकसान से बचा सकेंगे।

पीएम ने किया था वैदिक विज्ञान केंद्र का उद्घाटन

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना पहले ही हुई थी लेकिन वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेदों की महत्ता को समझते हुए इस विभाग के विस्तार के लिए विश्वविद्यालय में नए भवन की सौगात दी। विश्वविद्यालय के विश्वनाथ मंदिर के निकट ये भवन बनाया गया । वैदिक विज्ञान केंद्र के नए भवन का उद्घाटन भी पीएम मोदी ने किया। अब इस नए नव निर्मित भवन में लैब आदि की व्यवस्था की जा रही है लॉकडाउन के कारण इस कार्य मे थोड़ा विलम्ब जरूर है लेकिन उपेन्द्र त्रिपाठी का दावा है कि जल्द ही नए भवन में पठन-पाठन और शोध के कार्य शुरू हो जाएंगे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper