अब शिक्षकों के वेतन के अनुरूप ही फीस की बढ़ोत्तरी कर पाएंगे निजी स्कूल

लखनऊ। निजी स्कूल अब पांच वर्ष से पहले ड्रेस नही बदल पायेंगे। निजी स्कूल शिक्षकों की वेतन बढ़ोत्तरी के अनुरुप ही फीस की बढ़ोत्तरी कर पायेंगे। योगी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी नया बिल लायेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के साथ ही चार अहम मुददों को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी।

कैबिनेट बैठक में लिये गये निर्णयों की ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि अब निजी स्कूल केवल प्रतिवर्ष 5 से 7 प्रतिशत फीस की बढ़ोत्तरी कर पायेंगे। निजी स्कूल फीस की बढ़ोत्तरी शिक्षकों के वेतन बढ़ोत्तरी के अनुरुप ही फीस की बढ़ोत्तरी कर पायेंगे। निजी स्कूलों में व्यवसायिक गतिबिधियों को रोकने के लिए किताब, बैग और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावक स्वतंत्र होंगे।

निजी स्कूल सलाना के बजाय 6 या 3 माह की फीस ले सकेंगे। शुल्क की प्रक्रिया पारदर्शी होगी। निजी स्कूल रजिस्ट्रेशन, एडमीशन, परीक्षा शुल्क समेत 4 शुल्क अनिवार्य होंगे। जबकि बस, मेस, हॉस्टल जैसी सुविधाए वैकल्पिक होंगी। विद्यालय शैक्षिक सत्र के 60 दिन पहले अलग-अलग मदों के ख़र्च को डिस्प्ले करेगा। शुल्क प्रभार की रसीद देनी होगी। अगर ऐसा होगा तो मंडलायुक्त स्तर पर एक कमेटी होगी जो तय करेगी। मंडलीय समिति की बात न मानने पर पहले साल एक लाख दूसरे साल पांच लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।

शर्मा ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में जेई प्रतियोगी परीक्षा में इंटरव्यू के अंक घटाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। सहायक अभियंता सम्मिलीत प्रतियोगी परीक्षा नियमावली 2014 में इंटरव्यू के लिए 250 अंक की व्यवस्था है सरकार अंक घटाकर 100 अंक पर सहमति दी गयी । लिखित परीक्षा 750 की है। शर्मा ने बताया कि इसके अलावा किसानों की आय दुगुना करने के लिए वर्षा आधारित कृषि वाले बुंदेलखंड के किसानों के आय बढ़ानेे से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने वर्तमान विधान सभा और विधान परिषद का सत्रअवसानपर मुहर भी लगायी।

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