अब 3 मिनट में चलेगा कोरोना का पता, जांच के लिए नहीं करना होगा 8 घंटे का इंतजार

लखनऊ : कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में मेडिकल संस्थानों में जांच का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में अब तक 4000 से ज्यादा नमूनों की जांच हो चुकी है। अकेले केजीएमयू में करीब 3000 जांच हो चुकी हैं। अभी जांच के लिए छह से आठ घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। इसी के चलते केजीएमयू में रैपिड टेस्टिंग किट्स (आरटीके) कोविड-19 जांच की सुविधा शुरू होगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का पता तीन से चार मिनट में चल जाएगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने रैपिड टेस्टिंग किट्स कोविड-19 को मंजूरी दे दी है। जिस प्रकार से प्रेग्नेंसी जांचने के लिए किट होती है, उसी प्रकार से यह किट भी होगी। हालांकि मेडिकल स्टोरों पर यह किट उपलब्ध नहीं होगी। जिन अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच हो रही है या जिन्हें सरकार ने अधिकृत किया है, वहीं पर यह किट उपलब्ध होगी।

गौरतलब है कि अभी अस्पतालों में एलाइजा जांच से कोरोना संक्रमण की पहचान हो रही है। इसमें मरीज की लार या फिर नाक के पानी से जांच हो रही थी। रैपिड टेस्टिंग खून की एक बूंद से हो जाएगी। इसकी रिपोर्ट भी तुरंत ही मिल जाएगी, जिनमें रिपोर्ट पॉजटिव आएगा उनकी एलाइजा जांच कराई जाएगी। किट आने से रैपिड जांच की संख्या में 20 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है।

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