अभिनेता राजकुमार पुलिस की नौकरी छोडकर फिल्मों में क्यों आये थे

हिन्दी सिनेमा जगत में यूं तो अपने दमदार अभिनय से कई सितारों ने दर्शकों के दिलों पर राज किया, लेकिन एक ऐसा भी सितारा हुआ जिसने न सिर्फ दर्शकों के दिल पर राज किया बल्कि फिल्म इंडस्ट्री ने भी उसे ‘राजकुमार’ माना। आज भी जानी शब्द कहते ही बॉलीवुड के एक्टर राजकुमार की तस्वीर खुद-ब-खुद सामने आ जाती है। आज इस दुनिया मे न होने के बाद भी उनकी आवाज की कशिश और एक्टिंग का हुनर लोगों के जेहन में बसा है। चलिए आज आपको राजकुमार के जीवन से जुडी कुछ रोचक बाते बताते है।

राजकुमार के जीवन के बारे में
राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। राजकुमार का असली नाम कुलभूषण पंडित था और उनको प्यार से करीबी लोग ‘जानी’ के नाम से पुकारते थे। राजकुमार 1940 में मुंबई आए और मुंबई पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में काम करने लगे। राजकुमार की जेनिफर से मुलाकात फ्लाइट में हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली। जेनिफर ने अपना नाम बदलकर ‘गायत्री’ रख लिया। दोनों को 3 बच्चे हुए, जिनमें 2 बेटे पुरू राजकुमार व पाणिनी राजकुमार और 1 बेटी वास्तविकता राजकुमार थी। गले के कैंसर की वजह से 3 जुलाई 1996 को राजकुमार का देहांत हो गया। वो मात्र 69 साल की उम्र में दुनिया छोड़ कर चले गए।

पुलिश की नौकरी छोडकर फिल्मों में आये
एक दिन रात्रि गश्त के दौरान एक सिपाही ने राजकुमार से कहा, ‘हजूर आप रंग-ढंग और कद काठी में किसी हीरो से कम नहीं हैं। फिल्मों में यदि आप हीरो बन जाएं तो लाखों दिलों पर राज कर सकते हैं।’ राजकुमार को सिपाही की यह बात जंच गई। राजकुमार मुंबई के जिस थाने मे कार्यरत थे, वहां अक्सर फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का आना-जाना लगा रहता था। एक बार पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता बलदेव दुबे कुछ जरूरी काम के लिए आए हुए थे। वह राजकुमार के बातचीत करने के अंदाज से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने राजकुमार से अपनी फिल्म ‘शाही बाजार’ में अभिनेता के रूप में काम करने की पेशकश की। राजकुमार सिपाही की बात सुनकर पहले ही अभिनेता बनने का मन बना चुके थे, इसलिए उन्होंने तुरंत सब इंस्पेक्टर की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और निर्माता की पेशकश स्वीकार कर ली।

राजकुमार का फिल्मी सफर
साल 1952 में राजकुमार ने फिल्मों में एंट्री मारी और सबसे पहली फिल्म ‘रंगीली’ की। राजकुमार साल 1957 में आई फिल्म ‘नौशेरवां -ए-आदिल’ की वजह से काफी फेमस हुए। राजकुमार की चर्चा फिल्म ‘मदर इंडिया’ के लिए हुआ करती थी। जहां उन्होंने अभिनेत्री नरगिस के पति शामू का किरदार निभाया था। राजकुमार ने 1967 में ‘हमराज और 1968 में ‘नीलकमल’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में किरदार निभाया। राजकुमार की मशहूर फिल्मों में ‘पाकीजा’, ‘वक्त’, ‘सौदागर’ जैसी फिल्में हैं।

अभिनेता होकर भी फिल्में देखने का शोक नहीं रहा
फिल्मों में आने से पहले राजकुमार को फिल्में देखने का कभी भी शौक नहीं था। एक्टर बनने के बाद भी राजकुमार को फिल्में देखने की कोई लालसा नहीं हुई। एक इंटरव्यू में राजकुमार ने कहा था, ‘मेरी फिल्में एक वक्त पर बिल्कुल नहीं चलती थी लेकिन फीस 1 लाख बढ़ जाती थी और मैंने अपने सेक्रेटरी से कहा की पिक्चर चले ना चले, लेकिन मैं फेल नहीं हो रहा हूं’।

जब गोविंदा के शर्ट को बना दिया रुमाल
राजकुमार और गोविंदा एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। गोविंदा झकाझक शर्ट पहने हुए राजकुमार के साथ शूटिंग खत्म होने के बाद वक्त बिता रहे थे। राजकुमार ने गोविंदा से कहा यार तुम्हारी शर्ट बहुत शानदार है। चीची इतने बड़े आर्टिस्ट की यह बात सुनकर बहुत खुश हो गए। उन्होंने कहा कि सर आपको यह शर्ट पसंद आ रही है तो आप रख लीजिए। राजकुमार ने गोविंदा से शर्ट ले ली। गोविंदा खुश हुए कि राजकुमार उनकी शर्ट पहनेंगे। दो दिन चीची ने देखा कि राजकुमार ने उस शर्ट का एक रुमाल बनवाकर अपनी जेब में रखा हुआ है।

संगीतकार बप्पी लहरी के गहनो का उडाया मजाक
एक पार्टी में संगीतकार बप्पी अक्खड़ राजकुमार से मिले। अपनी आदत के मुताबिक बप्पी ढेर सारे सोने से लदे हुए थे। बप्पी को राजकुमार ने ऊपर से नीचे देखा और फिर कहा वाह, शानदार। एक से एक गहने पहने हो, सिर्फ मंगलसूत्र की कमी रह गई है। बप्पी का मुंह खुला का खुला ही रह गया।

जीनत अमान का उडाया मजाक
जीनत अमान फिल्म इंडस्ट्री में फेमस हो गई थी। दम मारो दम गाना धूम मचा चुका था। फिल्म निर्माता अपनी फिल्म में जीनत को साइन करने के लिए मरे जा रहे थे। एक पार्टी में जीनत की मुलाकात राजकुमार से हुई। जीनत को लगा तारीफ के दो-चार शब्द राजकुमार जैसे कलाकार से सुनने को मिलेगे। जीनत को राजकुमार ने देखा और कहा कि तुम इतनी सुंदर हो, फिल्मों में कोशिश क्यों नहीं करती। अब ये बात सुनकर जीनत का क्या हाल हुआ होगा, समझा ही जा सकता है।

तीन दशक बाद दिलीप कुमार के साथ फिल्म की
लगभग 3 दशकों के बाद राजकुमार ने दिलीप कुमार के साथ ‘सौदागर’ फिल्म की थी, लेकिन खबरों के मुताबिक दोनों के बीच शूटिंग के दौरान ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। राजकुमार बेहद मुंहफट आदमी थे। जो दिल में आता था, उसे शब्दों का बाण बनाकर सामने वाले पर दाग देते थे। ये बात तो सोचते भी नहीं थे कि सामने वाले को इसका बुरा लगेगा या नहीं।

राजकुमार की मौत का राज
69 साल की उम्र में 3 जुलाई 1996 को राजकुमार का देहांत हो गया था। राजकुमार ने अपनी जिस दमदार आवाज के कारण फिल्मों में पहचान बनाई थी, उसी आवाज ने उनकी जान ले ली। राजकुमार को गले का कैंसर था। राजकुमार नही चाहते थे उनकी इस बिमारी की बात फिल्म इंडस्ट्री में किसी को पता चले। उन्होने अपनी पत्नी और बच्चों को बुलाकर कहा कि मेरे मरने की सारी रस्में अदा होने के बाद लोगों को बताया जाए। राजकुमार को इस बात का दुख रहता था कि फिल्म इंडस्ट्री लोगों की मौत को तमाशा बना देती है। राजकुमार अपनी मौत की घडी में बाकि लोगों को दूर ही रखना चाहते थे और लोगों को भी अंतिम संस्कार होने के बाद ही पता चला कि वे दुनिया से चले गये।

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