अमरनाथ यात्रा को लेकर मोदी सरकार गंभीर

जम्मू: सालाना अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बेहद गंभीर दिखाई दे रही है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय सूबे के शासन के साथ लगातार अमरनाथ यात्रा को लेकर विचार विमर्श करने में लगा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यात्रा के ठीक एक दिन पहले सूबे के दौरे पर आ रहे हैं। उस दिन यानी 30 जून को वह घाटी में सुरक्षा संबंधी जायजा लेने के बाद दक्षिण कश्मीर के हिमालय स्थित पवित्र शिवलिंगम के दर्शन करेंगे। जानकारी के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से इस प्रकार के लगातार इनपुट्स मिल रहे हैं कि पाक परस्त आतंकवादी पवित्र अमरनाथ यात्रा को निशान बना सकते हैं।

शनिवार को ही इस प्रकार की खबरें आई कि पाकिस्तान की ओर से भारत सरकार को जानकारी दी गई है कि दक्षिण कश्मीर में कोई बड़ा आतंकी हमला हो सकता है। इस बाबत कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी सूबे के शासन, सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय तक बेहद कड़ी चौकसी बरत रहे हैं। यह सालाना पवित्र अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से 15 अगस्त तक चलनी है। इस यात्रा की शुरुआत जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर से 30 जून को होगी। हालांकि पहली जुलाई को दर्शन करने वाले प्रथम जत्थे घाटी के नूनवान तथा बालटाल आधार शिविर से रवाना होंगे। इन जत्थों में वह यात्री भी शामिल होंगे, जो पवित्र शिवलिंगम से निर्धारित दूरी पर बने हैलीपैड पर हैलीकाप्टर के जरिए उस दिन पहुंचेंगे।

सूत्रों का कहना है कि अमित शाह के गृहमंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका यह सूबे का पहला दौरा होगा। शाह अपनी इस यात्रा के दौरान अमरनाथ यात्रा के प्रबंध तथा सुरक्षा पर आला अफसरों तथा खुफिया तथा सुरक्षा एजेंसियों के कमांडरों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। गौरतलब है कि सूबे में राष्ट्रपति शासन है और यहां की प्रशासनिक बागडोर राज्यपाल सत्यपाल मलिक के हाथ में है। मलिक अमरनाथ श्राइन बोर्ड के प्रमुख भी हैं। इस नाते राज्यपाल से भी गृहमंत्री की अहम बैठक होगी। अमरनाथ यात्रा को लेकर अर्धसैनिक बलों की 450 कंपनियों की तैनाती की जा रही है। जबकि 300 अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की कंपनियां अभी हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद से यहीं मौजूद हैं और उन्हें भी यात्रा की सुरक्षा में लगाया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि गृहमंत्री के तौर पर अमित शाह उस दिन यानी 30 जून को घाटी की सुरक्षा स्थिति का जायजा भी लेंगे।

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