अमरीश पुरी ने विलेन बनकर बॉलीवुड पर कई सालों तक किया राज, लेकिन बेटे को नहीं बनने दिया एक्टर

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी का जन्म 22 जून, 1932 को लाहौर पाकिस्तान में हुआ था. सोमवार को अमरीश पुरी का 88वां जन्मदिन होगा. अमरीश पुरी ने अपने करियर में 400 से ज्यादा फिल्में की. 12 जनवरी, 2005 को उनका निधन हो गया. अमरीश पुरी ने मिस्टर इंडिया, त्रिदेव, मेरी जंग, घायल जैसी फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाया. उनके द्वारा बोला गया डायलॉग- मौगेंबो खुश हुआ लोगों की जुबान पर आज भी छाया हुआ है.

अमरीश पुरी के बेटे राजीव पुरी कभी फिल्मों में नजर नहीं आए. राजीव पुरी ने एक इंटरव्यू में बताया कि भले ही मेरे पिता ने पर्दे पर विलेन की भूमिका निभाई. लेकिन असल जिंदगी में वह कठोर नहीं थे, वह बहुत हिम्मत इंसान थे और एक पारिवारिक आदमी थे. उन्हें अनुशासन में रहना पसंद था. उन्होंने कभी अपनी मर्जी किसी के ऊपर नहीं थोपी.

राजीव ने बताया कि उस समय बॉलीवुड की स्थिति अच्छी नहीं थी तो उन्होंने मुझसे कहा कि यहां मत आओ और जो अच्छा लगता है, वह करो. तब मैंने मर्चेंट नेवी में जाने का फैसला किया. बता दें कि अमरीश पुरी ने बॉलीवुड में 30 साल से ज्यादा समय तक काम किया. ज्यादातर फिल्मों में वह नकारात्मक किरदार में नजर आए.

अमरीश पुरी ने फिल्मों में इतनी अच्छी एक्टिंग की कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी विलेन मानने लगे थे. अमरीश पुरी ने नसीब, हीरो, अंधा कानून, गदर, हम पांच जैसी फिल्मों में विलेन के किरदार से अपनी छाप छोड़ी. फिल्म मिस्टर इंडिया में उनके द्वारा निभाया गया मोगैंबो का किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया. इसके अलावा अमरीश पुरी ने कोयला, घातक, त्रिदेव, विश्वात्मा, गदर और नागिन जैसी फिल्मों में भी बेहतरीन एक्टिंग की.

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