अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर अमरिंदर के रूख की सराहना की

पटियाला: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लोगों खासकर सिख समुदाय के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी चौकसी से ही देश अपने आपको सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहां की सुरक्षा तथा शांति का माहौल पूरे देश के लिए बहुत अहमियत रखता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार,जो केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगी, केवल वही यहां शांति, सद्भाव और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने मंच पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की विशेष तौर पर तारीफ करते हुए कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों की बात आती है तो वह हमेशा पक्षपातपूर्ण विचारों से ऊपर उठते हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में जब वह गृह मंत्री बने तो पंजाब सीमा पर सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित थे। लेकिन एक बार जब मैंने कैप्टन अमरिंदर से बात की, तो मुझे काफी राहत मिली थी ।

गृह मंत्री ने पटियाला के लोगों को अपने विशेष संदेश में कहा कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर जैसे वरिष्ठ नेता के साथ व्यवहार किया है, उसे देखते हुए कांग्रेस को पटियाला से एक भी सीट नहीं मिलनी चाहिए। अमित शाह ने पंजाब में नशीले पदार्थो की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक मौका दीजिए और पंजाब से ड्रग्स का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब उन्होंने हर जगह शराब की दुकानें खोलकर दिल्ली को शराब में डुबो दिया तो वह पंजाब को नशा मुक्त करने की बात कैसे कर सकते हैं। उन्होंने पंजाब और सिखों के प्रति केजरीवाल की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह पंजाबियों और सिखों के वोट मांगने पंजाब आ रहे हैं। लेकिन केजरीवाल अब दिल्ली में लगभग आठ वर्षों से सरकार में हैं और उन्होंने अपनी सरकार में एक भी सिख को मंत्री के रूप में नियुक्त क्यों नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के इतिहास और विकास में सिखों का योगदान बहुत बड़ा है और केजरीवाल ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया है। गृह मंत्री ने कहा कि राजग सरकार के पास राज्य में उद्योग और कृषि के कायाकल्प के लिए एक स्पष्ट योजना है। पंजाब ने कृषि और उद्योग में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करते हुए 1970 के दशक तक राज्यों में सबसे शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था। पंजाब को आज उस गौरव को वापस पाने की जरूरत है और यहां की राजग सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर इसे सुनिश्चित करेगी।

उन्होंने पंजाब और सिखों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सिख विरोधी दंगों के दोषियों को दंडित करने,करतारपुर कॉरिडोर खोलने,युवा साहिबजादों की याद में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में नामित करने जैसे कई विशेष उपाय किए हैं।

गृह मंत्री ने कहा,जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया,तो एक आशंका थी कि पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब वहां के गुरुद्वारों में सुरक्षित नहीं होंगे। लेकिन भारत सरकार ने इन पवित्र पुस्तकों को दिल्ली के गुरुद्वारों में पूरे सम्मान और पवित्रता के साथ स्थानांतरित करने के लिए एक विशेष व्यवस्था की ।

इससे पहले, रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शाह और केंद्र की भाजपा सरकार की प्रशंसा की कि उन्हें जब भी जरूरत पड़ी तो उन्हें केन्द्रीय गृह मंत्री और अन्य मंत्रियों से हमेशा पूरा समर्थन और सहयोग मिला।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान जब राज्य में टीकों की कमी हो गई तो केंद्र सरकार ने इन्हें उपलब्ध कराने में कोई देरी नहीं की थी।

इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल-संयुक्त प्रमुख सुखदेव सिंह ढींडसा ने कहा कि पंजाब को एक ऐसी सरकार की जरूरत है,जो केंद्र के साथ मिलकर काम करे क्योंकि पंजाब को कर्ज और कृषि आय में गिरावट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
--------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper