अयोध्या-जनकपुरधाम बस सेवा से भारत-नेपाल के सम्बन्ध और होंगे मजबूत: योगी

अयोध्या-फैजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या के रामकथा पार्क में जनकपुर-सीतामढ़ी-अयोध्या सीधी बस सेवा का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के संबंधों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया आयाम दिया है। बस सेवा के माध्यम से पुरानी सांझी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास माननीय प्रधानमंत्री ने किया है। हमें खुशी है कि सांस्कृतिक संबंधों की एक नई कड़ी आज से शुरू हो रही है। अयोध्या-जनकपुरधाम के लिए बस सेवा शुरू होना दोनों राष्ट्रों के संबंधों को और मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काठमांडू को काशी और जनकपुर को अयोध्या से सड़क मार्ग से जोड़ने से न सिर्फ सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे बल्कि विकास की यात्रा भी आरंभ होगी। अयोध्या और जनकपुर हजारों वर्ष पूर्व जुड़े थे। अयोध्या और जनकपुर के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए दोनों शहरों को बस सेवा से जोड़ा जाए, यह प्रयास माननीय प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हुआ और फलीभूत भी हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अयोध्या में ’दीपोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान 133 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। भारत सरकार ने राम-जानकी मार्ग को पूर्ण करने का जिम्मा भी लिया है। मार्ग बन जाने पर जनकपुर से अयोध्या पहुंचने में 10 से 12 घंटे की जगह मात्र 6 से 7 घंटे ही लगेंगे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारतीय डाक विभाग की ओर से प्रकाशित ’स्पेशल कवर’ का अनावरण भी किया। ये स्पेशल कवर पिछले साल दीपावली के मौके पर अयोध्या में सरयू तट पर आयोजित ’दीपोत्सव’ कार्यक्रम पर आधारित है। डाक विभाग के इस प्रकाशन का उद्देश्य पावन नगरी अयोध्या की वैश्विक पहचान स्थापित कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है। इसके साथ ही यह ’दीपोत्सव’ के आयोजन की स्मृतियों को दीर्घकाल तक संरक्षित करने में भी सहायक होगा।

इससे पहले मैत्री बस अलग-अलग मार्गों से होते हुए आज सुबह अयोध्या पहुंची। इस दौरान सीता जी की ससुराल पहुंचने वालों प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर अयोध्या और जनकपुर की थीम पर सजायी गई झांकी ने सभी का मन मोह लिया। भारत और नेपाल की दोस्ती की प्रतीक इस बस सेवा का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल शुक्रवार को नेपाल के जनकपुर में किया।

इस बस सेवा के जरिए श्रद्धालु भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम और माता जानकी की जन्मस्थली जनकपुर धाम के बीच की 520 किलोमीटर की दूरी को सरलता और सुविधापूर्ण ढंग से तय कर सकेंगे। बस सेवा पड़ोसी देश नेपाल और भारत के पौराणिक समय से चले आ रहे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक सम्बन्धों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भी सहायक होगी।

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