अवध फेस्टिवल में नवयुवाओं ने जतायी पर्यावरण जैसे मुद्दों पर चिंता

लखनऊ: विश्व आज जिन परिस्थितियों में पहुंच गया है, वहां पर्यावरण असंतुलन का खतरा दिन पर दिन बड़ा और बड़ा होता जा रहा है। हमें सही मायनों में स्वच्छता अपनाने के साथ पर्यावरण और अपनी संस्कृति को बचाना होगा। सांस्कृतिक पर्यटन इसमें मददगार बन सकता है। हुनर क्रिएशन्स क्राफ्ट एसोसिएशन द्वारा अवध फेस्टिवल के अंतर्गत यहां लखनऊ पब्लिक कॉलिजिएट शारदानगर में संस्कृति, पर्यटन व पर्यावरण पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कुछ ऐसे ही संदेश दिये। प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में निहारिका दीवान व जूनियर वर्ग में विदुषी शुक्ला प्रथम रहीं। पूर्व प्रशानिक अधिकारी जीबी पटनायक ने विजेताओं को पुरस्कृत किया, जबकि उद्घाटन लविवि के प्रो.अरविंद मोहन ने विद्यार्थियों को आशीष देते हुए किया।

पटनायक ने हुनर क्रिएशन्स क्राफ्ट एसोसिएशन के आयोजनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि हुनर क्रिएशन्स क्राफ्ट एसोसिएशन की अवध फेस्टिवल के अंतर्गत राजधानी के पचीस स्कूलों की इस प्रतियोगिता ने छात्र-छात्राओं का हौसला तो बढ़ाया ही होगा, इससे उनकी, स्वच्छता, पर्यावरण, पर्यटन जैसे विषयों पर सोच भी बदली और विस्तृत हुई होगी। संयोजक जफर नबी ने संस्कृति, पर्यावरण और भाषायी गौरव को रेखांकित करने वाली इस प्रतियोगिता के सम्बंध में बताने के साथ कहा कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के मार्गदर्शन से एसोसिएशन और अवध फेस्टिवल की सोच को विस्तार मिला है, तभी हम नवयुवाओं को अवध फेस्टिवल से और संस्कृति और पर्यावरण जैसे मुद्दों से जोड़ पा रहे हैं।

प्रतियोगिता में दूसरा पुरस्कार निष्ठा सिंह व उरूज मलिक को और तीसरा पुरस्कार सीनियर वर्ग में संयुक्त रूप से गीतांजलि सिंह व अलीशा ओझा को और जूनियर वर्ग में अलीजा मेराज व नीतिज्ञ पाण्डेय को प्रदान किया। सांत्वना पुरस्कार हम्दा फातिमा व श्रेया श्रीवास्तव को दिये गये। प्रमाणपत्र सभी प्रतिभागियों को दिये गये। निर्याणकों का दायित्व लविवि की नाजिया जमाल व वसुधा कुमार, आरजे सैयद आमिर, गौतम सेनगुप्ता, डा.अतिका खातून और चेयरपरसन के तौर पर डा.सुमेधा द्विवेदी शामिल थीं। अंत में आभार प्रधानाचार्य डा.जावेद आलम खान ने व्यक्त किया।

राजधानी के 25 चुने हुए विद्यालयों में कक्षा नौ व दस के विद्यार्थियों ने जूनियर और 11 व 12 के विद्यार्थियों ने सीनियर वर्ग में ‘स्वच्छ पर्यावरण लागत नहीं अच्छा निवेश है’, ‘अच्छा पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए यह अच्छा अर्थशास्त्र है’, ‘पर्यटन आर्थिक विकास के साथ बहुवादी संस्कृति को भी बढ़ावा देता है’ और ‘पर्यटन संस्कृति की कीमत पर नहीं’; जैसे विषयों पर अपना दृष्टिकोण बयान किया। प्रतियोगिता में लखनऊ पब्लिक कॉलिजिएट समेत दिल्ली पब्लिक स्कूल, पायनियर माण्टेसरी इंटर कालेज, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, कैथेड्रल सीनियर सेकेंड्री स्कूल, भोनवाल कान्वेण्ट स्कूल, वरदान इंटरनेशनल एकेडमी, सेण्ट्रल एकेडमी, कुंवर ग्लोबल स्कूल, लखनऊ पब्लिक स्कूल, नवयुग रेडियन्स, एसडीएसएन पब्लिक स्कूल, लखनऊ इंटरनेशन पब्लिक स्कूल, एपीएस एकेडमी, अक्षर ज्योति पब्लिक स्कूल, गोयनका पब्लिक स्कूल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल और दि मिलेनियम स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

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