अविश्वास प्रस्ताव के बाद संसद में बीजेपी-कांग्रेस में एक और रोचक मुकाबला

दिल्ली ब्यूरो: किसी को उखाड़ने की चिंता है तो किसी को जमने का फिक्र। बीजेपी-कांग्रेस के बीच इस को लेकर रार जारी है। कोई किसी से कम नहीं। कोई अपना वार खाली नहीं जाने देता। हालत ये है कि दोनों पार्टी के बीच जैसे सौत डाह की कहानी बन रही हो। सबके दावे भी अलग अलग है। बीजेपी मुखिया अमित शाह बीजेपी को तीन सौ से ज्यादा सीट लाने की बात कह रहे हैं तो उधर कांग्रेस वाले लोग भी 275 सीट लाने के लिए पार्टी के भीतर और बाहर रणनीति बनाते फिर रहे हैं।

इस मुकाबले का हश्र क्या होगा किसी को पता नहीं। इधर दोनों पार्टी में रोचक मुक़ाबला भी होता दिख रहा है। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दोनों पार्टी के बीच जो भी हुआ और जो जो घटनाएं घटी उस पर प्रतिक्रया आजतक थमा नहीं। अब फिर दुसरा रोचक मुकाबला होने को तैयार है। अब विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के जरिए ऐसा ही मुकाबला दोनों के बीच होने की संभावना है। बता दें कि फ्रांस और भारत के बीच हो रहे रफाल लड़ाकू विमान सौदे की आड़ में दाेनों एक-दूसरे के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला रहे हैं।

खबर के मुताबिक़, भाजपा के निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। इन सांसदों ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने बीते सप्ताह अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान रफाल सौदे के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर ‘भ्रामक’ और ‘तथ्यहीन’ आरोप लगाए। उन्होंने देश को गुमराह किया। इस बाबत लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि वे प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं। जल्द इस पर फैसला देंगी।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री सीतारमण के ख़िलाफ़ इसी मामले में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इसकी पुष्टि की है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रफाल सौदे के बारे में देश को तथ्यात्मक रूप से गुमराह किया। राहुल ने यही आरोप अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान भी लगाया था। उन्होंने रफाल विमानों की नई कीमत पर भी संदेह ज़ताया था और इसका ख़ुलासा करने की मांग की थी।

अब जानकार मान रहे हैं कि चुनाव से पहले इन दोनों पार्टियों के बीच कई मसलो पर लड़ाई होनी है। ताकत की आजमाईश भी होगी। अगले चुनाव के लिए दोनों को अजेंडा भी तय करना है। ऐसे में अब विशेषाधिकार हनन का मामला देश के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है कि दोनों के बीच तर्कों और तथ्यों की असलियत क्या है।

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