अवैध बिल्डरों पर कसेगी नकल, रियल एस्टेट डेवलपमेंट एक्ट रेरा लागू

रायपुर: रियल एस्टेट डेवलपमेंट एक्ट रेरा के अब छत्तीसगढ़ में भी लागू होने से अवैध बिल्डरों पर नकेल कसेगी। इसका ग्राहकों को तो फायदा होगा ही, साथ ही सबसे बड़ा फायदा इसका वैध बिल्डरों को होगा। ऐसे बिल्डरों का मानना है कि रियल एस्टेट के कारोबार में इजाफा होगा। बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के प्रदेश में 240 सदस्य हैं, जबकि रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले छह सौ से ज्यादा बिल्डर हैं।

अब इस कारोबार से जुड़े सभी को रेरा में पंजीयन करना होगा। बगैर पंजीयन के कोई भी अपने मकानों या दुकानों का न तो विज्ञापन दे सकेगा, न ही किसी तरह का ब्रोशर प्रकाशित कर सकेगा। इस कड़ाई के चलते अब अवैध कारोबार करने वालों का काम करना संभव नहीं होगा। देश के कई राज्यों में एक अगस्त से रेरा लागू हो गया है, लेकिन इसे छत्तीसगढ़ में अब लागू किया गया है। इसके अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद रेरा का दफ्तर भी प्रारंभ हो गया है।

अगले माह से बिल्डरों का ऑनलाइन पंजीयन भी प्रारंभ होने वाला है। हर वह बिल्डर जो अपनी किसी योजना में बेचने के लिए मकान या दुकान बना रहा है, उसे रेरा में पंजीयन कराना ही होगा। इसके बगैर कोई भी बिल्डर मकान या दुकान बेचने का काम नहीं कर सकेगा। ऐसा करने वालों पर रेरा कार्रवाई करेगा।

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