असम में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 86 हुई

गोलाघाट: जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य के आबकारी मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य ने बताया है कि मरने वालों का आंकड़ा 82 हो गया, जबकि ताजा समाचार मिलने तक मरने वालों की संख्या 86 हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार गोलाघाट के जिला सदर अस्पताल व विभिन्न स्थानों पर मरने वालों की संख्या 44 हो गई है, जबकि जोरहाट मेडिकल कालेज अस्पताल में 34 तथा 08 व्यक्तियों की मौत जोरहाट जिले के बरहोला गांव में बीती रात को हो गई। जोरहाट मेडिकल कालेज अस्पताल में मरने वाले 34 लोगों में से 23 व्यक्ति गोलाघाट जिले के बताये गए हैं, जबकि 11 व्यक्ति जोरहाट जिले के बरहोला के रहने वाले थे। इस तरह मरने वालों का आंकड़ा 86 हो गया है। जीएमसीएच में कुल 107 लोगों को भर्ती कराया गया था। गोलाघाट जिला सदर अस्पताल में अभी भी तीन दर्जन से अधिक लोगों का इलाज इलाज चल रहा है।

जहरीली शराब मामले को लेकर मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ब्रह्मपुत्र राज्य अतिथिशाला में शनिवार की सुबह एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक के साथ ही अन्य उच्चस्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले के लिए दोषियों को कड़ी सजा देने का निर्देश दिया। राज्य के स्वास्थ्य आदि मामलों के मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने सुबह जोरहाट मेडिकल कालेज अस्पताल (जेएमसीएच) पहुंचकर इलाज लोगों का हालचाल लिया। चिकित्सकों से अस्वस्थ लोगों को सभी तरह की आवश्यक चिकित्सा सेवा मुहैया कराने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री जेएमसीएच के बाद गोलाघाट जिला सदर अस्पताल पहुंचकर वहां पर इलाजरत लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

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गोलाघाट जिले में जहरीली शराब पीने के चलते 86 लोगों की मौत की घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने राज्य के आबकारी मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य का पुतला फूंककर विरोध जताया। इस बीच गोलाघाट जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए नुमलीगढ़ में अवैध देसी शराब के विरूद्ध अभियान चलाया। इस कड़ी में मूलफुलनी, श्यामरायपुर के साथ नाहरबारी चाय बागान में देसी शराब के विरूद्ध अभियान चलाते हुए देसी शराब बनाने की भट्ठियों को नष्ट कर दिया।

इस बीच गोलाघाट मध्य मंडल के डीआईजी दिलीप देव गोलाघाट जिला अस्पताल में पहुंचकर मामला की जानकारी ली। इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक और चिकित्सा अधीक्षक भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर आबकारी विभाग की लापरवाही पायी जाएगी तो संबंधित दोषिय़ों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने साथ ही कहा कि इलाके में लाली गुड़ (चोट) के व्यवसायियों के विरूद्ध भी जोरदार अभियान चलाया जाएगा। ज्ञात हो कि लाली गुड़ से देसी शराब बनाया जाता है।

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