अस्पताल की जर्जर इमारत में इलाज को लेकर ‘आप’ ने भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी आप ने भाजपा नेताओं के खिलाफ उत्तरी एमसीडी के राजन बाबू अस्पताल की कथित जर्जर इमारत के बावजूद मरीजों का इलाज जारी रखने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

आप के उत्तर एमसीडी नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने कहा, उत्तर एमसीडी के राजन बाबू अस्पताल की बिगड़ती हालत के बावजूद मरीजों का इलाज जारी रखने को लेकर भाजपा नेताओं के खिलाफ मुखर्जी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने आगे कहा कि प्राथमिकी में सभी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही जर्जर ढांचे को तत्काल खाली कराने की मांग की गई है।

गुरुवार की सुबह, कालकाजी विधायक आतिशी ने ट्विटर पर अस्पताल का एक वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की थीं और कहा था कि मरीजों का कथित तौर पर एक खतरनाक जर्जर इमारत में इलाज किया जा रहा है जो किसी भी दिन गिर सकती है।

आतिशी और गोयल दोनों ने दावा किया कि पूरे अस्पताल में लिखा है कि यह ढांचा खतरनाक है। निरीक्षण के बाद गोयल ने कहा, इमारत के असुरक्षित प्रमाणित होने के बावजूद लगातार इलाज जारी रखना न केवल निगम के दिशा-निर्देशों की अनदेखी है, बल्कि मरीजों और कर्मियों के जीवन को भी खतरे में डाल रहा है।

आतिशी ने गुरुवार सुबह कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एमसीडी ने दिल्ली के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है। इसके जवाब में, भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि अस्पताल में मरीज अपने इलाज से संतुष्ट हैं, जबकि भाजपा के अन्य सदस्यों ने दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक में से एक का स्क्रीनग्रैब जर्जर हालत में पोस्ट किया है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के तहत आने वाले, जीटीबी नगर में राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस (आरबीआईपीएमटी) को 2017 में एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया गया था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper