आईपीएस हों तो ऐसे

अफसर बनना तो आसान है, लेकिन पद का नशा सिर पर नहीं चढऩे देना काफी मुश्किल होता है। कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मोहित अग्रवाल इसके सटीक उदाहरण हैं। उन्होंने फर्रुखाबाद में बेटी की बर्थडे पार्टी के नाम पर 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बनाने वाले आरोपी दंपति सुभाष बाथम व रूबी की सालभर की अनाथ बेटी गौरी की परवरिश की जिम्मेदारी ली है।

दरअसल, 30 जनवरी, 2020 की रात 10 घंटे के अभियान के बाद पुलिस ने सुभाष का एनकाउंटर कर दिया था, जबकि उसकी पत्नी की गुस्साए ग्रामीणों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। सुभाष और रूबी की बेटी के बारे में आईजी ने कहा कि वह बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे और आईपीएस अधिकारी बनते हुए देखना चाहते हैं।

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