आईवीआरआई में वैज्ञानिक लेखन एवं प्रकाशन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

बरेली 30। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर में कल वैज्ञानिक लेखन एवं प्रकाशन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी । यह कार्यशाला उन्नत कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र; पशुधन स्वास्थ्य के लिए उन्नत केंद्र तथा राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत आईवीआरआई में आयोजित की गयी । कार्यक्रम के लिए दो अतिथि वक्ताओं, डॉ के वीरांजुलु, विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन, एनआईटी वारंगल और डॉ जी रतनसबापति, विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन, तनुवास, चेन्नई को आमंत्रित किया। इस अवसर पर संस्थान के पशु चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय पुस्तकालय के प्रभारी तथा मुख्य तकनीकी अधिकारी श्री एस. एस. रावत को पुस्तकालय में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर संस्थान निदेशक डॉ त्रिवेणी दत्त ने छात्रों को इस कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा की इस कार्यशाला से छात्रों को अपने शोध से संबन्धित लेख, थिशीस तथा वैज्ञानिक लेख लिखने में मदद मिलेगी । उन्होने छात्रों का आव्हान किया कि वे हमारे संस्थान के पुस्तकालय में जाएँ तथा वहाँ के ई संसाधनों का उपयोग करें आज पुस्तकालय में बहुत सी ऑन लाइन पुस्तक उपलब्ध हैं । उन्होने कास्ट परियोजना के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना के माध्यम से छात्रों तथा शिक्षकों के लिए कई कौशल विकास कार्यक्रम कर प्रशिक्षित किया गया है ।

अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय प्रोधोयोगिकी संस्थान वारंगल, तेलेंगाना के पुस्तकालयाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष डॉ. के. वीरंजेनेयलु ने कहा कि पुस्तकालयाध्यक्ष के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने और पुस्तकालय संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए अपने पुस्तकालयों में उभरती प्रौद्योगिकियों को सीखें और लागू करें। उन्होने छात्रों को वैज्ञानिक लेखन के बारे में भी व्याख्यान दिया । जबकि डॉ जी रतनसबापति ने “अनुसंधान मेट्रिक्स” पर व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक एवं कास्ट परियोजना के प्रमुख डॉ. अमित कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम कि यह बहुत महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित कि गयी है क्योकि हमारे छात्र अपने शोध पत्रों को लिखते तो हैं पर वे प्रकाशित नहीं हो पाते अत: वैज्ञानिक लेखन किस प्रकार लिखा जाना चाहिए तथा क्या क्या सावधानियाँ हमें रखनी चाहिए यही छात्र इस कार्यशाला मे सीखेंगे ।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालय के प्रभारी तथा मुख्य तकनीकी अधिकारी श्री एस. एस. रावत ने उपस्थित सभी गणमान्य लोगो का स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ फिरदोस द्वारा किया गया जबकि धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के जैव सूचना प्रोधोयोगिकी केंद्र के मुख्य सूचना अधिकारी डॉ के. एन. कांडपाल द्वारा किया गया।

बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

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