आई वी आर आई में जैव-प्रौद्योगिकी और फार्माकोलॉजी के वैज्ञानिक प्रशिक्षण हेतु दस दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ

बरेली: भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर के भेषज्य एवं विष विज्ञान तथा जैव रसायन विभाग द्वारा स्नातकोत्तर छात्रों के लिए दस दिवसीय विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड द्वारा प्रायोजित कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ । इस कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 40 (प्रत्येक कार्यशाला में 20) प्रतिभागी भाग ले रहे हैं ।

संस्थान के संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ जी. साई कुमार ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की और संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी और फार्माकोलॉजी के क्षेत्र में युवा शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसकी देश में उन्नत निदान, चिकित्सा और टीकों के विकास के लिए मुख्य आवश्यकता है। इससे अगली पीढ़ी के निदान, टीके और छोटे आणविक चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर भेषज्य एवं विष विज्ञान के विभागाध्यक्ष डा. दिनेश कुमार एवं , जैव रसायन विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. मोहिनी सैनी ने कार्यशाला के बारे में बताया। कार्यक्रम के आयोजकों डॉ. केसवन एम और डॉ अजय कुमार ने संबंधित कार्यशालाओं के उद्देश्यों और विस्तृत कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

डॉ अजय कुमार ने बताया की “जैव प्रौद्योगिकी में अनुसंधान के लिए जीन आधारित तकनीक” कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों को डीएनए / आरएनए अलगाव, जीन क्लोनिंग, पुनः संयोजक प्रोटीन उत्पादन और लक्षण वर्णन सहित बुनियादी आणविक जीव विज्ञान तकनीकों पर सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण बुनियादी और साथ ही उन्नत ज्ञान प्रदान करेगा और स्नातकोत्तर छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सशक्त करेगा ।

डॉ केशवन ने बताया की “उन्नत औषधीय तकनीकों में प्रशिक्षण” नामक कार्यशाला का उद्देश्य औषधीय अनुसंधान में प्रयुक्त उन्नत तकनीकों जैसे लैंगेंडॉर्फ हृदय अध्ययन, ओर्गन बाथ अध्ययन, गैर-आक्रामक रक्तचाप माप, एचपीएलसी और एलसी-एमएस तकनीक, इन विट्रो ड्रग स्क्रीनिंग विधियों और इन विवो इमेजिंग सिस्टम में प्रशिक्षण देना है।

यह प्रशिक्षण छात्रों को नई दवाओं की खोज और विकास में अपना करियर शुरू करने के लिए सशक्त करेगा। कार्यशाला का संचालन डॉ. मीमांसा शर्मा ने किया और कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमृता बेहरा द्वारा दिया गया । इस अवसर पर भेषज्य एवं विष विज्ञान तथा जैव रसायन विभाग के वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी तथा छात्र उपस्थित रहे ।

बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

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