आखिर क्यों चर्चा का विषय बन गई कानपुर मेट्रो?

कानपुर: कानपुर मेट्रो का स्टाफ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। शहर में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद इसमें सवार होने वाले यात्रियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जबकि पिछले कुछ महीने में लोगों द्वारा ट्रेन में अपना सामान, खासकर मोबाइल छोड़ने के कई मामले देखने को मिले हैं, लेकिन खास बात यह है कि छूटे हुए लगभग सभी सामान संबंधित यात्रियों तक पहुंच गए हैं और एक भी मोबाइल या अन्य सामान के गुम होने की सूचना नहीं मिली है।

ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया, जब शहर के गुरुदेव मेट्रो स्टेशन पर छूटा एक मोबाइल कानपुर मेट्रो स्टाफ की सत्यनिष्ठा व सजगता के कारण यात्री को वापस मिल गया। इसकी जानकारी देश के अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू ऐप पर यूपी मेट्रो के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा गया, “#KanpurMetro स्टाफ की सत्यनिष्ठा व सजगता से गुरुदेव मेट्रो स्टेशन पर छूटा मोबाइल फोन यात्री को वापस मिल गया। फोन मिलने के बाद यात्री योगेश यादव ने UPMRC के प्रति आभार जताया व सहयोग के लिए स्टाफ की प्रशंसा की।”

बता दें कि शहर में 29 दिसंबर 2021 से मोतीझील से आईआईटी के बीच नौ किमी के दायरे में शुरू मेट्रो ट्रेन के संचालन के शुरूआती 9 दिनों में 17 बार लोगों के कीमती सामान भूलने की रिपोर्ट दर्ज हुई। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों ने लगातार लोगों की परेशानी दूर कर चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है। शहरवासी कर्मचारियों की ईमानदारी से खुश होकर प्रशंसा में पत्र लिख चुके हैं। मेट्रो रेल के डीजीएम जनसंपर्क पंचानन मिश्रा ने बताया था कि लखनऊ मेट्रो में भी सराहनीय कार्यों के तहत उत्तर प्रदेश मेट्रो की टीम ने यात्रियों के छूटे हुए आठ लाख रुपये से अधिक नगद और करीब 500 मोबाइल और लैपटॉप जैसे उपकरण लौटाने में भूमिका अदा की है।

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