आखिर क्यों वेंकैया के सर्मथन में खड़ा दिखा पूरा विपक्ष

नई दिल्ली: हमेशा ही राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू पर पक्षपात का आरोप लगाने वाला विपक्ष का शुक्रवार को सदन में एक अलग ही रूप देखने को मिला। दरअसल,विपक्षी दल के नेता नायडू के खिलाफ एक सदस्य की फेसबुक टिप्पणी पर चेयरमैन के पक्ष में खड़े नजर आए। यह नाटकीय घटनाक्रम उस समय देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने चेयरमैन से किसी सदस्य द्वारा फेसबुक पर लिखी एक टिप्पणी पर बोलने की इजाजत मांगी।

अग्रवाल ने कहा,हम सभी को इस चेयर पर विश्वास है और हम सब इस चेयर का सम्मान भी करते हैं। फेसबुक पर इस सदन के एक माननीय सदस्य ने माननीय चेयर के लिए कुछ ऐसा शब्द लिख दिए जो शब्द संसदीय नहीं है। जो शब्द किसी प्रकार नहीं लिखा जाना चाहिए क्योंकि हमलोगों को पूरा अधिकार है कि चेयर हमसे कुछ भी कहें,हमें जो कहना है वह चेयर के कमरे में कहते हैं, लेकिन इस तरह फेसबुक और सोशल मीडिया पर लिखने से सदन की गरिमा गिरती है। मैं उस माननीय सदस्य से कहूंगा कि वह चेयरमैन से खेद प्रकट करें। चेयरमैन से माफी मांग लें। हम सब जानते हैं कि आपके पक्षपाती होने का सवाल ही नहीं उठता। हम सभी न्याय मिलता है यह मेरा पक्ष है।’

इसके बाद राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा,यह बहुत अफसोस की बात है कि इस तरह की चीजें फेसबुक पर आ जाएं। चाहे चेयर पर कोई भी हो इस तरह के आरोप नहीं लगने चाहिए। हम इस बात की पूरी निंदा करते हैं। सभी सदस्यों को इस बात अलग करना चाहिए। इसके टीएमसी सदस्य डेरक ओ ब्रायन ने कहा कि चेयर सभी सदस्यों को पूरा अवसर देते हैं और किसी को सोशल मीडिया पर जाने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि किसी सांसद ने फेसबुक पर पोस्ट लिखने वाले सदस्य का नाम नहीं लिया।

नायडू ने सदस्यों के उठाए इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा। इस बीच टीडीपी के सदस्यों द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर सदन में काफी शोरगुल होने लगा और राज्य सभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक फिर बाद में ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही विपक्षी दलों ने राज्य सभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू पर जनता की हितों से जुड़े मुद्दे नहीं उठाने देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को दिनभर के लिए राज्य सभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। कांग्रेस के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम,एनसीपी और डीएमके ने नायडू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा था कि अगर इस तरह की चीजें जारी रहीं तो वे उचित कदम उठाएंगे। इन बयानों के बाद राज्य सभा में आजाद और नरेश अग्रवाल का बयान आया है।

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