आगरा में नहीं भारत में और भी जगह हैं ताजमहल

नई दिल्ली: इन दिनों दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल को लेकर वर्तमान में विवाद छिड़ा है कि यह शिव मंदिर था,जिसे तेजोमहालय कहा जाता था। वहीं, इतिहास में कहा जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहां ने इसे बनाने वाले सभी कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे। वजह भी दिलचस्प थी। दरअसल,शाहजहां नहीं चाहते थे कि कोई भी इस प्रतिष्ठित संगमरमर की इमारत को दोबारा नहीं बना सके।अगर इस बात को सच मान लिया जाए,तो शाहजहां की सारी मेहनत बेकार चली गई।

क्योंकि आगरा ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी ताजमहल जैसी कलाकृति मौजूद है। देश में कई जगहों पर ताजमहल की प्रतिकृति बन चुकी है।हो सकता है कि इसके बारे में आपको जानकारी नहीं हो। मगर,आज हम आपको ऐसी ही कुछ इमारतों के बारे में बताने जा रहे हैं,जो हू-ब-हू ताजमहल की प्रतिकृति हैं।

आगरा के अलावा राजस्थान के कोटा शहर में दुनिया के सातों अजूबे मौजूद हैं। यहां एक टूरिस्ट पार्क में दुनिया से सात अजूबों की प्रतिकृति बनाई गई है। लिहाजा,ताजमहल का यहां होना स्वाभाविक बात है। सिर्फ शाहजहां ने ही अपनी पत्नी की मौत के बाद उसकी याद में ताजमहल नहीं बनाया है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर शहर के एक सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर भी अपनी पत्नी से बहुत ही प्यार करते थे। फैजुल हसन कादरी ने भी अपनी पत्नी की याद में ताजमहल मॉडल बनवाया है।इसके लिए उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी खर्च कर दी।

आगरा के मूल ताजमहल को पति-पत्नी के प्यार के प्रतीक के रूप में बनाया गया था। मगर,औरंगाबाद की ताजमहल प्रतिकृति को बीबी का मकबरा कहा जाता है। इस औरंगजेब के पुत्र प्रिंस आजम खान ने अपनी महारानी मां दिलरास बानू बेगम की याद में बनाया था।

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