आजम खां के हमसफ़र रिजॉर्ट पर चला बुलडोजर

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और रामपुर के सांसद आजम खान के एक और अवैध निर्माण पर सरकारी बुलडोज़र चल गया है। सरकार ने आजम खान के ‘हमसफर रिसॉर्ट’ की दीवार को ढहा दिया है। यह दीवार अवैध रूप से खड़ी गई थी। जिसे सरकार ने आज कार्रवाई करते हुए गिरा दिया। बता दें कि इस रिसोर्ट का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायमसिंह यादव ने किया था।

बताया जा रहा है कि आजम खान ने रिजॉर्ट के लिए एक हजार मीटर अवैध कब्जा किया था, जिसे दो जेसीबी और बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। इस लग्जरी हमसफर रिसॉर्ट का निर्माण समाजवादी पार्टी के शासनकाल में आजम खान ने करवाया था। करोड़ों की लागत से बने इस रिसॉर्ट का लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था. शुक्रवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए रिजॉर्ट के अवैध हिस्से को गिराया।

आजम खां पर आरोप है कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में रिजॉर्ट के लिए उन्होंने सिंचाई विभाग के नाले की एक हजार गज जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। सिंचाई विभाग इस मामले में कई बार आजम खां को नोटिस भी जारी कर चुका है। उधर से कोई जवाब न मिलने पर आज कार्रवाई की जा रही है।

रामपुर से सांसद और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां पर रामपुर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। आजम खां को पहले रामपुर भू-माफिया घोषित किया गया। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वारा को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया। सांसद आजम खां के रिसॉर्ट पर पहुंचे बुलडोजर नाले पर बने रिजॉर्ट के अवैध हिस्से को तोड़े, इसका आदेश एसडीएम ने दिया ।

जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिह ने बताया कि हमसफर रिसॉर्ट में 1000 गज जमीन पर कब्जा किया गया है। यह जमीन पसियापुरा शुमाली से बड़कुसिया नाले की है। नाले पर कब्जे से पानी निकासी में दिक्कत हो रही है। सिचाई विभाग की ओर से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। इसे नहीं हटाया गया तो बुलडोजर से तोड़ जा रहा है। रिजॉर्ट के पास ही पार्किंग के लिए भी अवैध कब्जा किया गया है। इसका मुकदमा एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है।

समाजवादी पार्टी के शासनकाल में आजम खां ने इस लग्जरी हमसफर रिसॉर्ट का निर्माण करवाया था। आजम खां के घर से तीन किलोमीटर दूर स्थित करोड़ों की लागत से बने इस रिजॉर्ट का लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था। प्रशासन निरंतर कार्रवाई कर रहा है। एक माह में बतौर कुलाधिपति जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के 29 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। यूनिवर्सिटी के गेट को तोड़ने के आदेश भी हो चुके हैं। हालांकि, गेट का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
--------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper