आज भी जिंदा है ” प्रभु श्रीराम ” के वंशज, इतने खरब की सम्पत्ति के है मालिक

 

भारत देश एक हिंदू बहुसंख्यक प्रधान देश है। यहां रहने वाली लगभग 80% जनता हिंदू धर्म में विश्वास एवं आस्था रखती है। हिंदू धर्म में देवी देवताओं का बड़ा सम्मान और पूजा होती है। आज हम आपको भगवान श्री राम के बारे में ऐसी जानकारी देंगे. जिस पर आपको यकीन नहीं होगा।

अयोध्या में हुआ था जन्मावतार-: हर हिंदू धर्म में श्रद्धा रखने वाले व्यक्ति को पता है कि भगवान श्रीराम विष्णु जी के सातवें अवतार थे। उन्होंने अयोध्या के महा प्रतापी राजा दशरथ के यहां जन्म लिया था। राजा दशरथ की तीन पत्नियां थी। कौशल्या,सुमित्रा और कैकेई। भगवान श्री राम राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी की कौशल्या के इकलौते पुत्र थे।

भगवान श्रीराम ने माता सीता से विवाह किया था जो कि स्वयं संपूर्ण लक्ष्मी का अवतार थी। श्री राम जी के दो पुत्र थे लव और कुश। श्री राम जी द्वारा त्यागे जाने के बाद लव-कुश अपनी माता सहित जंगल के एक गुरुकुल में निवास करते थे। जयपुर में है महाराज श्रीराम के वंशज-: श्री राम के दूसरे पुत्र कुश के वंशज जयपुर के राजघराने से संबंध रखते हैं। राजघराने की रानी पद्मा से संबंध रखना ही नहीं इनके पास कुश के वंशज होने का प्रमाण भी मौजूद है।

380वीं पीढ़ी हैं महारानी पद्मा-: महारानी पद्मा भगवान श्री राम के 380वीं पीढ़ी की वंशज हैं। इस शाही परिवार की संपत्ति लगभग 20 हजार करोड़ के आस पास है। जब माता सीता ने धरती में प्रवेश किया था और भगवान श्री राम के वैकुंठ लोक जाने के बाद लव और कुश ने अपने वंश को आगे बढ़ाया। लव के वंश का अभी कुछ खास पता नहीं चल पाया है। लेकिन जयपुर की महारानी पद्मा श्री राम के दूसरे पुत्र कुश के वंश से संबंध रखती हैं।

 

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