आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई इस समिति की पहली बैठक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाल में कृषि कानूनों को लेकर एक समिति का गठन किया था जिससे इस समस्या का हल निकल सके। 19 जनवरी यानी आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई इस समिति की पहली बैठक होने जा रही है। केंद्रीय कृषि बिलों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच टकराव बना हुआ है। समिति के सदस्य अनिल घनवट ने कहा है कि तीनों कृषि कानूनों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई समिति की पहली बैठक मंगलवार को होगी। यह बैठक पूसा परिसर में आयोजित होगी।

अनिल घनवत ने बताया कि हम बैठक में मुद्दे की चर्चा करेंगे और आने वाले समय में हमे किस तरह से कार्य करना है उसका निर्णय लेंगे। हालांकि हाल ही में एक किसान संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि नए किसान कानूनों को लेकर प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध को हल करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा गठित पैनल से सदस्यों को हटाया जाए। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर एक हलफनामे में, भारतीय किसान यूनियन, लोकशक्ति ने कहा, “इन व्यक्तियों को सदस्य के रूप में गठित करके न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सदस्य, किसानों को समान मापदंडों पर कैसे सुनेंगे जब उन्होंने पहले से ही इन तीनों कृषि कानून का समर्थन किया हुआ है।”यूनियन ने इस पैनल में विरोध प्रदर्शन करने वाले कृषि नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति करने का अनुरोध किया है। इस कोर्ट की बनाई कमिटी में अशोक गुलाटी, अनिल घनवट,भूपिंदर सिंह मान और प्रमोद जोशी के नाम थे।

इसके बाद गुरुवार को अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने “किसानों के हितों” का हवाला देते हुए खुद को पैनल से हटा लिया था।बता दें कि दिल्ली से सटी सीमाओं पर हरियाणा और पंजाब के किसान 50 से ज्यादा दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान मांग कर रहे हैं कि केंद्रीय कृषि बिलों को रद्द किया जाए तो वहीं सरकार कानूनों में संशोधन की बात कर रही है। 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय कृषि लागू करने पर रोक लगा दी थी।

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