आतंकियों की घुसपैठ को कवर देने के लिए पाक सेना कर रही फायरिंग

नई दिल्ली: नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग की जा रही है। भारतीय सेना भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। रविवार सुबह से पाक सेना की ओर से की गई गोलीबारी में एक कैप्टन समेत भारत के चार जवान शहीद हुए हैं। भारतीय सेना के मुंहतोड़ जवाब से पाकिस्तान बौखला गया है। अनुमान है कि पाकिस्तान अब फायरिंग तेज कर सकता है। ऑपरेशन ऑलआउट से बौखलाया पाकिस्तान नई रणनीति पर काम कर रहा है। उसकी योजना भारतीय सीमा में आधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ कराना है।

आईएसआई और पाकिस्तानी सेना अपनी नई स्पेशल ऑपरेशन टीम के जरिए भारतीय सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। खुफिया सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी सेना माछिल, उरी, तंगधार, पुंछ, भिम्बर गली आदि सेक्टरों में हमला कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सीमा पर आईईडी प्लांट कर भारतीय जवानों को नुकसान पहुंचाने के प्लान पर काम कर रहा है। इनमें माछिल, रामपुर, पुंछ, मेंढर और बिम्बर गली पाकिस्तान के निशाने पर हैं।

पाकिस्तान का मकसद आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने से है। पाकिस्तान मेंढर, कोटली इलाके के पास मौजूद लॉन्चिंग पैड से आतंकियों को घुसाना चाहता है। भिम्बरगली इलाके के पास ही करीब 77 आतंकी मौजूद हैं, जिन्हें पाकिस्तान भारतीय सीमा में घुसाना चाहता है। इसके अलावा भी मेंढर सेक्टर में भी 42 आतंकी मौजूद हैं। पाकिस्तान नौशेरा सेक्टर से भी आतंकियों को भारत में घुसाना चाहता है। जहां 27 आतंकी तैनात हैं। आपको बता दें कि राजौरी जिले के भिम्बर गली सेक्टर में पाकिस्तान ने शाम करीब 3.30 बजे युद्धविराम को भारी गोलीबारी से तोड़ा। भिंबर गली के अलावा पाकिस्तान ने राजौरी के मंजाकोट सेक्टर में भी मोर्टार दागे। पाकिस्तान ने सीमा घात लगातार एलओसी पर हमला किया और एंटी गाइडेड मिसाइलें दागनी शुरू कर दी। धोखे से शुरु हुई गोलाबारी में सेना के कैप्टन कपिल कुंडू, हवलदार रोशल लाल, रायफलमैन शुभम सिंह और रायफलमैन राम अवतार शहीद हो गए।

इनके अलावा सेना के 2 जवान घायल भी हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। आपको बता दें कि सेना के बहादुर कैप्टन कपिल कुंडू तो महज 23 साल के ही थे जिनका 10 फरवरी को जन्मदिन था। एलओसी पर पाकिस्तान की बौखलाहट रविवार सुबह से ही दिखाई दे रही थी। सबसे पहले नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ जिले के शाहपुर में भारतीय सेना के पोस्ट पर भारी गोलाबारी की गई। शाहपुर में बसे गांववालों को भी नहीं पता कि कौन सी गोली और कौन सा गोला उनके शरीर को छलनी कर दे। गौरतलब है कि इस साल इस सेक्टर में हुए संघर्षविराम उल्लंघन में अब तक नौ जवानों समेत 17 लोगों की मौत हुई है। 70 लोग घायल हो चुके हैं।

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