आदिवासी सीएम को लेकर त्रिपुरा में बीजेपी और आईपीएफटी में दरार

दिल्ली ब्यूरो: त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद भाजपा अपने साथी दल ‘इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट अॅाफ त्रिपुरा’ के साथ सरकार बनाने तो जा रही है लेकिन दोनों के बीच रार भी शुरू हो गयी है। 25 साल से सत्ता रहे वाम सरकार को पटखनी दे कर बीजेपी ने ना सिर्फ पूर्ण बहुमत पाया है वल्कि वाम के गर्ध के अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर सबको चौंका भी दिया है।

त्रिपुरा में वैसे बीजेपी अकेले भी सरकार बनाने की हालत में है लेकिन पूर्वोत्तर में आया राम गया राम की राजनीति खूब होती है इसलिए बीजेपी अपनी सरकार को मजबूत करने के लिए अपने साथी दल आईपीएफटी के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहती है। उधर आईपीएफटी सरकार बनाने को तैयार जरूर है लेकिन उसकी मांग है कि प्रदेश का सीएम कोई आदिवासी बने।

आईपीएफटी की यह मांग अब बीजेपी को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि भाजपा और आईपीएफटी के बीच दरार देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि भाजपा के सीएम उम्मीदवार बिप्लव देव ने कल रविवार को यहां विजय जुलूस भी निकाला और उनका सीएम बनना लगभग तय है, ऐसे में आईपीएफटी की यह मांग भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

आईपीएफटी के अध्यक्ष एनसी देबबर्मा ने प्रेस क्लब में आयोजित बैठक में अपनी यह मांग रखी। उनका कहना है कि भाजपा और आईपीएफटी को जो शानदार जीत मिली है वह आदिवासी वोट के बिना संभव नहीं थी, इसलिए प्रदेश का सीएम एक आदिवासी को ही होना चाहिए।

देबबर्मा ने कहा, चुनाव परिणाम इतना सुखद इसलिए है क्योंकि हमने आदिवासियों के लिए रिजर्व सीट पर जीत दर्ज की। इस बात का हमें खास ख्याल रखना चाहिए। साथ ही आदिवासी वोटरों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। हालांकि देबबर्मा ने किसी आदिवासी नेता का नाम सामने नहीं किया, लेकिन उन्होंने आदिवासी सीएम की वकालत की। उन्होंने भाजपा के सीएम उम्मीदवार बिप्लव देव पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
भाजपा के त्रिपुरा इंचार्ज सुनील देवधर ने कहा कि वे देबराम के बयान के बारे में कुछ नहीं जानते, उन्होंने अपनी राय दी होगी, सोमवार को आईपीएफटी के नेताओं के साथ बैठक है, उसमें इस विषय पर बात होगी।

वहीं सीपीएम और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि वे इस स्थिति से हैरान नहीं है। भाजपा और आईपीएफटी ने चुनाव के दौरान जो कुछ कहा, उसमें विराधाभास है। वहीं ट्राइबल लीडर और सीपीएम के एमपी जीतेंद्र चाधुरी ने कहा कि भाजपा और आईपीएफटी का हनीमून जल्दी ही समाप्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि वह गठबंधन जो सिद्धांतों पर नहीं बल्कि क्षणिक लाभ के लिए बनाया जाये उसकी उम्र नहीं होती।

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