आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार लाख दुर्बल वर्ग आवास बनेंगेे

लखनऊ ब्यूरो। प्रदेश की योगी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अर्फोडेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के अंतर्गत चार लाख दुर्बल आय वर्ग हेतु भवन निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए सुनियोजित व्यवस्था के तहत मूलभूत अवस्थापना उपलब्ध कराये जाने के लिए सभी मण्डलायुक्तों, आवास आयुक्त, समस्त जिलाधिकारी,विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों ,विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों एवं समस्त नगर निगम के आयुक्तों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा ट्रंक विकास कार्य के तहत अप्रोच रोड एवं ड्रेन/सीवर, वाहय जलापूर्ति, वाहय विद्युतीकरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली व प्रतिदिन की वस्तुओं को खरीदने के लिए दुकान आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

नगर के मुख्य मार्ग से योजना परिसर को जोड़ने वाली एप्रोच रोड लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित विशिष्टताओं के अनुरूप निर्मित की जाएंगी। इसके साथ ही एप्रोच रोड के दोनों और वृक्षारोपण का कार्य वन विभाग द्वारा किया जाएगा। जलापूर्ति के संबंध में प्रत्येक पॉकेट में आवश्यकतानुसार ओवर-हेड-टैंक प्लांट, नलकूप, राइजिंग मेन, पम्पिंग-प्लान्ट तथा पंप हाउस का निर्माण जल निगम द्वारा किया जाएगा। निर्देशों में कहा गया है कि वाह्य विद्युतीकरण उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा किया जाएगा। इसमें सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर लगाना, भूमिगत एलटी लाइन तथा भवनों में विद्युत संयोजन का कार्य फीडर पिलर के माध्यम से किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली व प्रतिदिन की वस्तुओं को खरीदने के लिए दुकानें भी आवंटित की जाएंगी। जिन पाकेटों में एक ही पॉकेट में 1000 से अधिक भवनों को नियोजित किया गया है तथा इस पॉकेट से 500 मीटर की दूरी तक कोई दुकान नहीं है, तो उनमें तीन दुकानों का प्रावधान रखा जाएगा। दुकानों के क्लस्टर के लिए स्थल चयन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। सामुदायिक सुविधाओं के तहत प्रत्येक परिसर हेतु निर्धारित विभागीय मानकों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य सेवा केंद्र एवं आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्था की जाएगी।

विद्यालय भवन का निर्माण शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। आवासीय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करा कर समुचित सेवाएं यथा जन्म मृत्यु पंजीकरण, अंधता निवारण, टीकाकरण, विशेषकर पोलियो एवं मातृ-शिशु कल्याण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने बजट से किया जाएगा। अभिकरण द्वारा इस हेतु भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

नगर सीमा के अंतर्गत अथवा नगर सीमा से बाहर स्थित योजना के परिसरों का रख-रखाव जैसे सड़क, सीवर, सड़क सिविल नालियों, जलापूर्ति प्रणाली तथा पार्कों के रख-रखाव व साफ-सफाई का उत्तरदायित्व स्थानीय निकाय का होगा।

इसके अलावा आंतरिक विकास कार्यों के तहत सड़कों के किनारे वृक्षारोपण किया जाएगा और परिसर में पंप हाउस के आउटलेट से आंतरिक जल आपूर्ति पाइप लाइन तक फीडर लाइन का निर्माण आंतरिक जलापूर्ति लाइनों के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। नगर में सीवर प्रणाली न होने की स्थिति में परिसर में सेप्टिक टैंक, सोकपिट अथवा डाइजेस्टर का कार्य कराया जाएगा। योजना के परिसर में स्ट्रीट लाइट लैंप पोस्ट लगाने का कार्य संबंधित अभिकरण द्वारा किया जाएगा।

स्ट्रीट लाइट लैंप पोस्ट हेतु भूमिगत केबल का प्रावधान किया जाएगा। मेंस स्विच लगाने और मेन स्विच से भवन तक विद्युतीकरण का कार्य संबंधित अभिकरण द्वारा भवन की निर्धारित लागत में सम्मिलित होगा। अरबोरिकल्चरब्लॉक्स के चारों ओर का विकास बाउण्ड्रीवाल का निर्माण एवं पार्किंग के संबंध में भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के अंतर्गत प्रदेश में आर्थिक दृष्टि से दुर्बल वर्ग हेतु भवन निर्माण के लिए आवास विकास परिषद हेतु 1.20 लाख तथा विकास प्राधिकरण हेतु 2.80 लाख अर्थात कुल 04 लाख दुर्बल आय वर्ग के आवास निर्माण का अभिकरण वार लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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